गोरखपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: वर्दी का भरोसा बना धोखा, घर छोड़ने के बहाने 10 साल की बच्ची का अपहरण, फिर हत्या
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस की वर्दी पर भरोसा कर बैठी एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि डायल-100 सेवा में तैनात सिपाही अभिषेक यादव ने बच्ची को घर छोड़ने का झांसा देकर अपने साथ ले गया और बाद में उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद गुरुवार तड़के चिलुआताल श्मशान घाट से बच्ची का शव बरामद किया गया।
बीमार बहन को खाना देने अस्पताल पहुंची थी बच्ची
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का परिवार मूल रूप से आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। परिवार पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में रह रहा है, जहां बच्ची के पिता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
27 जुलाई को बच्ची की बड़ी बहन की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची। दोनों बहनों ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद रात करीब नौ बजे छोटी बहन घर के लिए निकली, लेकिन वह कभी घर नहीं पहुंची।
जब काफी देर तक बच्ची का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने अस्पताल परिसर और आसपास तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान डायल-100 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
वर्दी पहनकर आया, घर छोड़ने का दिया भरोसा
अस्पताल में भर्ती 13 वर्षीय बड़ी बहन ने पुलिस को बताया कि जब दोनों बहनें खाना खा रही थीं, तभी पुलिस की वर्दी पहने एक युवक उनके पास आया और पता पूछने लगा। कुछ देर बाद उसने दोनों बच्चियों से कहा कि वह बाइक से उन्हें घर छोड़ देगा।
बड़ी बहन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन आरोपी लगातार छोटी बच्ची को अपने साथ चलने के लिए मनाता रहा। वह काफी देर तक बच्ची के आसपास मंडराता रहा। जैसे ही बच्ची अस्पताल से बाहर निकली, आरोपी उसका पीछा करते हुए उसे अपने साथ ले गया।
पहले भी गंभीर मामलों में घिर चुका है आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सिपाही का नाम पहले भी गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। करीब एक वर्ष पहले बंगाल की एक युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
हालांकि, उस मामले में पीड़िता के बयान दर्ज नहीं हो पाने के कारण दुष्कर्म की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। लेकिन आरोपी के पास से बरामद फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी और पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की थी। जेल से बाहर आने के बाद अब वह एक बार फिर बेहद गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का सामना कर रहा है।
जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल
पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी की गतिविधियों, पुलिस लाइंस से उसकी आवाजाही और वारदात के दौरान उसकी लोकेशन की भी विस्तार से पड़ताल की जा रही है।
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