नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लोकसभा में मंगलवार को करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन विधेयक पारित नहीं हो सका। दोपहर 2 बजे शुरू हुई बहस रात 11 बजे तक चली। कई सांसदों के बोलना बाकी रहने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब विधेयक पर आगे चर्चा के बाद मतदान होगा और इसके बाद इसे राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन 2024 के कानून को और मजबूत करेगा तथा पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने में मदद करेगा। वहीं विपक्ष ने विधेयक के साथ-साथ छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे भी उठाए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, डीएमके, टीएमसी, आरजेडी और अन्य दलों के सांसदों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की टिप्पणियों पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के सांसदों ने इन बयानों का विरोध करते हुए माफी और सबूत की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाते हुए सदस्यों से तथ्यों के आधार पर ही बोलने की अपील की।
विधेयक पर बहस के दौरान कई सांसदों ने अपने-अपने सुझाव भी दिए। कुछ सांसदों ने इसे पेपर लीक रोकने के लिए जरूरी बताया, जबकि कुछ ने इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने की मांग की। वहीं कुछ विपक्षी सांसदों ने परीक्षा व्यवस्था, NEET और छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों को भी सदन में उठाया। बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर चर्चा पूरी होने के बाद मतदान कराया जाएगा।




