गाजियाबाद: वेव सिटी थाना परिसर में अपराधियों पर लगाम कसने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सख्त बनाने के उद्देश्य से एक हाई-लेवल क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। थाना प्रभारी (SHO) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इलाके में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए खाकी को और अधिक अलर्ट मोड पर रहने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सड़कों पर बढ़ेगी सख्ती, ‘बीट पुलिसिंग’ पर फोकस
बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और पेंडिंग मामलों की बारीकी से समीक्षा की। चोरी की वारदातों को शून्य पर लाने के लिए पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए:
-
संवेदनशील इलाकों में पहरा: मुख्य बाजारों, सुनसान रास्तों और चोरी के लिहाज़ से संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर पुलिस की गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाएगी।
-
बीट पुलिसिंग मजबूत: हर बीट कांस्टेबल को अपने-अपने इलाके में मुस्तैद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने का हुक्म दिया गया है।
पुराने अपराधियों की कुंडली खंगालने के आदेश
क्राइम मीटिंग में पुलिसकर्मियों को साफ हिदायत दी गई कि क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
SHO का कड़ा रुख:“इलाके में घूमने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जाए। पूर्व में चोरी और अन्य अपराधों में शामिल रहे शातिर अपराधियों का पुलिस सत्यापन (Verification) कर उनकी मौजूदा गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए।”
लंबित विवेचनाओं और IGRS शिकायतों का तुरंत निस्तारण
अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रियाओं में तेज़ी लाने पर भी जोर दिया:
-
पेंडिंग मामलों की फाइलें निपटेंगी: विवेचकों (Investigators) को निर्देश दिए गए कि वे लंबित केसों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करें।
-
IGRS शिकायतों पर एक्शन: जनसुनवाई और IGRS पोर्टल से मिलने वाली जनता की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा और शिकायतकर्ता को कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा।
आमजन में सुरक्षा, बदमाशों में खौफ
मीटिंग के अंत में थाना प्रभारी ने सभी पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ ड्यूटी करने की शपथ दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की लगातार गश्त और चेकिंग अभियान का मकसद अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है।




