फरीदाबाद। कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की वर्ष 2019 में हुई हत्या के मामले में वांछित गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के अमेरिका में पकड़े जाने की सूचना के बाद फरीदाबाद पुलिस सक्रिय हो गई है। नीरज को गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के साथ 22 अक्टूबर को अमेरिका के लास वेगास क्षेत्र में इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।
नीरज के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और अवैध हथियार समेत 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है। हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
फरीदाबाद पुलिस नीरज के प्रत्यर्पण के लिए पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को सिफारिश भेज चुकी थी।
2019 में विकास चौधरी की गोलियों से हुई थी हत्या
26 जून 2019 को फरीदाबाद में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की जांच आगे बढ़ी तो नीरज फरीदपुरिया का नाम भी सामने आया।
इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश थी। अब अमेरिका में उसके हिरासत में लिए जाने की सूचना के बाद पुलिस पुराने मामलों और प्रत्यर्पण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुट गई है।
एसीपी क्राइम वरुण दहिया के मुताबिक पुलिस को नीरज के डिटेन किए जाने की सूचना मिली है और इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
हत्या से रंगदारी तक, 25 से ज्यादा मामलों में नाम
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक नीरज के खिलाफ फरीदाबाद और पलवल समेत अलग-अलग जिलों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और अवैध हथियार से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
फरीदाबाद और पलवल में ही उसके खिलाफ करीब 12-12 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि विदेश जाने के बाद भी नीरज अपने कथित नेटवर्क के जरिए आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा और फोन के माध्यम से रंगदारी की मांग कराता था।
फोन पर मांगे थे एक करोड़ रुपये, परिवार को धमकी देने का आरोप
जुलाई 2024 में पलवल में सामने आए रंगदारी के एक मामले में भी नीरज फरीदपुरिया का नाम आया था। चांदहट गांव निवासी योगेश कुमार ने शिकायत दी थी कि फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को नीरज फरीदपुरिया बताते हुए एक करोड़ रुपये की मांग की।
आरोप था कि रकम नहीं देने पर योगेश और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
इसी दौरान पलवल के आगरा चौक स्थित ‘ट्रिपल 9 टेलीकॉम’ मोबाइल दुकान पर दिनदहाड़े फायरिंग की वारदात भी सामने आई थी। आरोप लगाया गया था कि रंगदारी नहीं देने के कारण नीरज के कथित गुर्गों ने दुकान को निशाना बनाया।
उम्रकैद की सजा, जमानत और फिर विदेश जाने का दावा
नीरज का आपराधिक रिकॉर्ड एक दशक से भी अधिक पुराना बताया जाता है। वर्ष 2012 में उसे हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2015 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
बाद में 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसके विदेश चले जाने की बात सामने आई। इसके बाद विकास चौधरी हत्याकांड समेत दूसरे मामलों में उसकी तलाश जारी रही।
NIA भी कर चुकी है घर पर छापेमारी
नीरज के कथित आपराधिक नेटवर्क को लेकर केंद्रीय एजेंसियां भी कार्रवाई कर चुकी हैं। अक्टूबर 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने फरीदाबाद के फरीदपुर गांव स्थित उसके घर पर छापेमारी की थी।
इससे पहले पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई के दौरान गांव में उसके करीब 350 वर्ग गज में बने मकान को भी ध्वस्त किया गया था।
अब अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा नीरज को हिरासत में लिए जाने की सूचना के बाद भारतीय एजेंसियों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। उसके भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने पर विकास चौधरी हत्याकांड समेत लंबित मामलों में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।




