गाजियाबाद। दिल्ली के बुराड़ी स्थित एक अस्पताल से रहस्यमय तरीके से लापता हुए 24 वर्षीय युवक का शव कई दिन बाद गाजियाबाद में गंगनहर से बरामद हुआ है। मृतक की पहचान गोविंदपुरम ई-ब्लॉक निवासी अरविंद महतो के रूप में हुई है। परिवार ने उसकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अरविंद मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूनिकेम लेबोरेट्री में पैकिंग का काम करता था। परिजनों के मुताबिक वह किसी तनाव में नहीं था। ऐसे में बुराड़ी से गायब होने और फिर मसूरी क्षेत्र की गंगनहर में शव मिलने के बीच आखिर क्या हुआ, इसे लेकर परिवार ने कई सवाल खड़े किए हैं।
मोबाइल भांजे को दिया, वॉशरूम जाने की बात कहकर निकला
अरविंद के पिता संतोष महतो के मुताबिक 20 अक्टूबर की शाम उनका बेटा अपने भांजे अतीश के साथ दिल्ली के बुराड़ी गया था। अगले दिन अरविंद ने हाथ में दर्द होने की शिकायत की, जिसके बाद अतीश उसे बुराड़ी स्थित एक अस्पताल लेकर गया।
अतीश ने परिवार को बताया कि 21 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े 11 बजे अस्पताल में अरविंद ने अपना मोबाइल फोन उसे दे दिया। इसके बाद वॉशरूम जाने की बात कहकर वहां से चला गया।
काफी समय गुजरने के बाद भी अरविंद वापस नहीं आया। अस्पताल और आसपास के इलाके में तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
दिल्ली में तलाशता रहा परिवार, मसूरी पुलिस से आया फोन
अरविंद के लापता होने के बाद परिवार ने दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी। परिजनों का कहना है कि वे लगातार अपने स्तर पर भी उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
इसी बीच रविवार को गाजियाबाद की मसूरी थाना पुलिस ने परिवार से संपर्क किया। पुलिस ने नीला पुल के पास गंगनहर से एक अज्ञात युवक का शव मिलने की जानकारी दी।
परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की पहचान अरविंद महतो के रूप में हुई। कई दिनों से उसकी तलाश कर रहे परिवार के लिए यह खबर सदमे में बदल गई।
बुराड़ी से मसूरी कैसे पहुंचा अरविंद?
अरविंद के पिता ने बेटे की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अरविंद किसी तरह के मानसिक तनाव में दिखाई नहीं दे रहा था।
परिवार ने आत्महत्या की आशंका पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर अरविंद ने बुराड़ी से निकलने के बाद खुद को नुकसान पहुंचाने का फैसला किया होता तो वह इतनी दूर मसूरी तक क्यों आता।
हालांकि यह परिवार की आशंका है और अरविंद की मौत आत्महत्या, हादसा या किसी आपराधिक घटना का परिणाम है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गायब होने से शव मिलने तक की कड़ी बनेगी जांच की अहम कड़ी
परिजनों ने आशंका जताई है कि अरविंद के साथ कोई अनहोनी हुई और उसकी मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
अब मामले में यह पता लगाना अहम होगा कि 21 अक्टूबर को अस्पताल से निकलने के बाद अरविंद कहां गया, वह दिल्ली से गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में आया।
अरविंद के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है। परिवार ने पुलिस से अस्पताल से गायब होने से लेकर गंगनहर में शव मिलने तक के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर जांच करने की मांग की है।




