गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़, दो शातिर चोरों के पैर में लगी गोली

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गाजियाबाद में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। अंकुर विहार थाना पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल हालत में दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से चोरी की नकदी, जेवरात, अवैध हथियार और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए।

चेकिंग के दौरान पुलिस को दिखे संदिग्ध

पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर को सुंदर विहार और सहदुल्लाबाद इलाके में एक घर में चोरी की वारदात सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 9 सितंबर को मुखबिर से बदमाशों के बारे में अहम सूचना मिली।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान रामलीला मैदान से गढ़ी कटैया मार्ग पर पुलिसकर्मियों की नजर पैशन प्रो बाइक पर जा रहे दो संदिग्धों पर पड़ी। टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों घायल

पुलिस के अनुसार, बदमाशों की ओर से गोली चलाए जाने के बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। फायरिंग के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4,700 रुपये की चोरी की नकदी, ज्वेलरी, दो .315 बोर के अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी मिले हैं।

7 सितंबर की चोरी का खुला राज

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिब पुत्र यामीन निवासी मडौरा गांव, थाना सोनीपत, हरियाणा, मूल निवासी लिसाड़ी गांव, थाना लिसाड़ी गेट, मेरठ और ध्यान सिंह पुत्र जुगराज निवासी मधूपुर, थाना भरतना, मैनपुरी के रूप में हुई है।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने 7 सितंबर को हुई चोरी की वारदात में अपनी भूमिका कबूल की है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरोह में दो अन्य लोग शामिल हैं, जो फिलहाल फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास है। पुलिस के मुताबिक, आकिब के खिलाफ अंकुर विहार थाने में नकबजनी और दिल्ली में लूट का मामला दर्ज है।

वहीं ध्यान सिंह के खिलाफ अंकुर विहार थाने में नकबजनी के अलावा दिल्ली में हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ में उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज होने की बात सामने आई है।

पुलिस अब दोनों के अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मामले में पुलिस की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इससे पहले 9 सितंबर को भी गाजियाबाद पुलिस ने दो कथित वाहन चोरों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से चोरी की ब्रेजा कार बरामद की गई थी।

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