गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में 26 वर्षीय युवक की मौत अब सड़क हादसे से ज्यादा एक संदिग्ध वारदात बनती नजर आ रही है। पुलिस जहां कार के डिवाइडर से टकराने को मौत की वजह मानकर जांच कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या कर दुर्घटना का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। रविवार सुबह इसी विवाद को लेकर बड़ी संख्या में परिजन थाने पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र की पूजा कॉलोनी निवासी मनीष कुशवाहा (26) शनिवार सुबह अपने एक दोस्त के साथ घर से निकला था। परिवार के मुताबिक, दोपहर करीब तीन बजे एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें बताया गया कि मनीष का भगत सिंह चौक के पास एक्सीडेंट हो गया है।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। परिवार का आरोप है कि मनीष कार से बाहर खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसकी गर्दन पर गंभीर कट का निशान था।
दोस्त सुरक्षित, मनीष की मौत… यहीं से शुरू हुआ शक
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कार हादसे में मनीष की जान चली गई, उसमें उसके साथ मौजूद दोस्त को कोई चोट नहीं आई। पुलिस का कहना है कि कार डिवाइडर से टकराई थी, जिसके बाद हादसे में मनीष की मौत हो गई।
लेकिन मृतक के भाई विकास का दावा है कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचा तो क्षतिग्रस्त कार वहां खड़ी थी, जबकि मनीष जमीन पर पड़ा हुआ था। उसके शरीर से खून बह रहा था और गर्दन पर गंभीर चोट थी।
यही वजह है कि परिवार ने पुलिस की दुर्घटना वाली थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप- हत्या कर हादसे का रूप देने की कोशिश
परिवार का कहना है कि मनीष की मौत सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि उसकी गर्दन पर ऐसे निशान हैं, जो किसी धारदार हथियार से हमला किए जाने की ओर इशारा करते हैं।
परिजनों ने आशंका जताई कि पहले मनीष की हत्या की गई और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने पुलिस से हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है।
ट्रॉनिका सिटी थाने पहुंचे दर्जनों लोग, जमकर हुआ हंगामा
रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे मृतक के दर्जनों परिजन और परिचित ट्रॉनिका सिटी थाने पहुंच गए। वहां पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
परिजनों का आरोप था कि पुलिस शुरू से ही मामले को सड़क दुर्घटना मानकर जांच कर रही है और हत्या की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। इसी बात को लेकर थाने में काफी देर तक हंगामा और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
सूचना मिलने पर एसएचओ कुलदीप कुमार मौके पर पहुंचे और गुस्साए परिजनों से बातचीत की।
पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज
एसएचओ ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं करेगी। उनका कहना है कि मनीष की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अगर हत्या या किसी अन्य आपराधिक वारदात की पुष्टि होती है तो उसी आधार पर आगे की धाराएं जोड़कर कार्रवाई की जाएगी।
करीब आधे घंटे तक चली बातचीत के बाद पुलिस के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और लगभग 11 बजे थाने से वापस लौट गए।
तीन साल पहले हुई थी शादी, गर्भवती पत्नी और डेढ़ साल के बेटे को छोड़ गया मनीष
मनीष की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। उसकी शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। परिवार में उसकी पत्नी पूजा, जो गर्भवती बताई जा रही है, और डेढ़ साल का बेटा अभिनव है।
युवक की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
अब इस मामले की पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मनीष की मौत वास्तव में सड़क हादसे में हुई या फिर किसी साजिश के तहत हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप दिया गया।




