लॉरेंस गैंग पर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, विदेशी हथियार सप्लाई मामले में दीपक खत्री उर्फ मामा गिरफ्तार

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस गैंग से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के करीबी बताए जा रहे दीपक खत्री उर्फ मामा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दीपक की भूमिका विदेशी निर्मित अत्याधुनिक हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सामने आई है।

क्राइम ब्रांच का दावा है कि आरोपी धमकी और कथित वसूली से जुड़े मामलों में समझौता कराने की गतिविधियों में भी शामिल रहा है। पुलिस अब उसके संपर्कों और गैंग के अन्य सदस्यों से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

LOC के आधार पर IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, दीपक खत्री उर्फ मामा को लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद हथियार तस्करी मामले में जांच और तेज कर दी गई है।

क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी विदेश से आने वाले हथियारों की खेप और भारत में उनकी सप्लाई चेन में किस स्तर पर शामिल था।

अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, इस हथियार तस्करी मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने विभिन्न आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में विदेशी निर्मित हथियार और गोला-बारूद बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अब तक—

  • 32 विदेशी निर्मित अत्याधुनिक हथियार
  • 363 जिंदा कारतूस
  • 2 सब-मशीन गन

बरामद की गई हैं।

विदेश में बैठे हथियार तस्करों से जुड़े तार

जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के तार विदेश में सक्रिय हथियार तस्करों से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियार भारत तक किस रास्ते से पहुंचाए गए और इन्हें देश के भीतर किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

क्राइम ब्रांच डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है।

लॉरेंस गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच

दीपक खत्री की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। क्राइम ब्रांच अब कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेश में बैठे हथियार तस्करों और भारत में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बीच संपर्क किस माध्यम से स्थापित किया गया। साथ ही बरामद हथियारों का इस्तेमाल किन आपराधिक वारदातों के लिए किया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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