सोनीपत/शामली। हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस के सामने अपराधी गिरोहों के बीच संपर्क की नई कड़ियां सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट वायरल होने के बावजूद पुलिस फिलहाल किसी एक गैंग को वारदात का जिम्मेदार मानकर जांच खत्म नहीं कर रही है।
पुलिस अब इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या अंकित की हत्या की साजिश केवल गोगी गैंग से जुड़े लोगों ने रची थी या अलग-अलग आपराधिक नेटवर्क के सदस्य भी इसमें शामिल रहे। जांच एजेंसियां जितेंद्र गोगी, काला जठेड़ी, लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, गोल्डी बराड़ और नीरज बवाना से जुड़े संभावित नेटवर्क और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई जांच
अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट सामने आई, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। यह पोस्ट कथित तौर पर भोलू शाहपुरिया के नाम से इंस्टाग्राम पर डाली गई थी।
पोस्ट में आरोप लगाया गया कि अंकित गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी के विरोधी गुट के संपर्क में था और उसके समर्थन में गाने बनाकर माहौल तैयार कर रहा था। पोस्ट में अंकित पर विरोधी गुट के आपराधिक कार्यों में साथ देने का भी आरोप लगाया गया।
पोस्ट के अंत में धमकी भरे अंदाज में आगे भी कार्रवाई की बात कही गई। हालांकि पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता और इसके पीछे वास्तविक व्यक्ति या गिरोह की भूमिका की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं जांच को भटकाने के लिए किसी ने जानबूझकर गोगी गैंग का नाम तो नहीं इस्तेमाल किया।
रोहतक और दिल्ली से मिले डिजिटल सुराग
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया पर आपराधिक गिरोहों से संबंधित पोस्ट और वीडियो डालने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई है। जांच में गोगी गैंग के अलावा नीरज बवाना और अन्य आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच संपर्क के संकेत भी मिले हैं।
पुलिस को सोशल मीडिया गतिविधियों के विश्लेषण के दौरान एक संदिग्ध की लोकेशन रोहतक और दूसरे की दिल्ली में मिलने की जानकारी मिली है। अब पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट, कॉल डिटेल और संदिग्धों के आपसी संपर्क के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां तैयार हुई और शूटरों तक निर्देश किस माध्यम से पहुंचाए गए।
50 से ज्यादा नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट जांच के दायरे में
जांच का दायरा अब दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैल गया है। पुलिस के रडार पर 50 से अधिक मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम अकाउंट हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनसे अंकित ने हत्या से पहले करीब एक सप्ताह के दौरान फोन या सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया था।
पुलिस इन संपर्कों की टाइमलाइन तैयार कर रही है। यह देखा जा रहा है कि हत्या से पहले अंकित को किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों में से किसी की भूमिका वारदात की साजिश में रही थी या नहीं।
महिला कलाकार की भूमिका की भी जांच
हत्याकांड की जांच में पुलिस एक महिला कलाकार के संभावित कनेक्शन को भी खंगाल रही है। पुलिस को उसकी भूमिका संदिग्ध होने की आशंका है, हालांकि अभी इस संबंध में कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच एजेंसियां महिला के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संपर्क और अंकित के साथ संभावित संवाद समेत अन्य डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
गोगी-टिल्लू गैंगवार का एंगल भी अहम
पुलिस दिल्ली-हरियाणा में लंबे समय से चले आ रहे गोगी और टिल्लू गुट के आपसी संघर्ष की पृष्ठभूमि को भी जांच से जोड़कर देख रही है। इस गैंगवार की शुरुआत कथित तौर पर कॉलेज की छात्र राजनीति से हुई थी, जो बाद में वर्चस्व की लड़ाई और संगठित अपराध में बदल गई।
समय के साथ दोनों गुटों से जुड़े नेटवर्क का विस्तार हुआ और कई आपराधिक घटनाओं में इनके नाम सामने आते रहे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पुरानी गैंगवार का अंकित बालियान की हत्या से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
जिम के बाहर बाइक सवार हमलावरों ने की थी हत्या
अंकित बालियान की बुधवार शाम जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, वह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी बाइक सवार चार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
अंकित मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे और काफी समय से सोनीपत में रह रहे थे। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने खिलाफ रंगदारी मांगने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन जिम में एक फोन कॉल के दौरान भी उनकी किसी व्यक्ति से तीखी बहस हुई थी। इस घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
अंतिम संस्कार के दौरान उठी एनकाउंटर की मांग
अंकित का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग को लेकर विरोध भी जताया था।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया पर सामने आई जिम्मेदारी वाली पोस्ट को गंभीरता से लेते हुए उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। हत्या के सभी संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश, हमलावरों को निर्देश देने वाले लोगों और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।




