नई दिल्ली: द्वारका कोर्ट ने पालम गांव थाना पुलिस द्वारा सुलझाए गए मादक पदार्थों की तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए 4 आरोपियों को दोषी ठहराया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल की अदालत ने तेज सुनवाई (फास्ट-ट्रैक) के तहत यह फैसला सुनाया। पुलिस ने दोनों वारदातों में कुल 1 किलो 455 ग्राम गांजा जब्त कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था।
केस 1: 119 दिन चली सुनवाई, दो गांजा तस्करों पर जुर्म साबित
पहले मामले में 4 फरवरी को पालम गांव पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर संजय शर्मा (38) को दबोचा था, जिसके पास से 442 ग्राम गांजा मिला। सख्ती से पूछताछ में संजय ने अपने आका का नाम उगला, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर रफीक अहमद (28) को 400 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया। अदालत में मजबूत साक्ष्यों के दम पर महज 119 दिनों में ट्रायल पूरा हुआ और घटना के 6 महीने के भीतर दोनों को दोषी करार दिया गया।
केस 2: 45 दिन की सुनवाई में आरोपी अनुज और विशाल दोषी
दूसरे मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 29 मार्च को अनुज कुमार (31) को 545 ग्राम गांजे के साथ धर दबोचा। अनुज का सुराग मिलते ही पुलिस ने उसके साथी विशाल उर्फ संप्पी (33) को 68 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया। 26 जून को चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में महज 45 दिन की रिकॉर्ड सुनवाई चली, जिसके बाद दोनों आरोपियों का दोष सिद्ध हुआ।




