साइबर थाना एनआईटी की टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक हाईटेक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। शातिर ठग दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित एक आलीशान होटल से कॉल सेंटर चलाकर लोगों को चूना लगा रहे थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना और दो महिलाओं समेत कुल 7 आरोपियों को दबोच लिया है।
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है कि वे अब तक देश भर में करीब 400 से 500 लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 14 मोबाइल फोन और 14 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर लगाई 65 हजार की चपत
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, सीकरी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 जुलाई को उसके पास एक कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को बैंक का क्रेडिट कार्ड एग्जीक्यूटिव बताकर कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। आरोपी ने बातों में उलझाकर ओटीपी (OTP) हासिल कर लिया और खाते से 65,040 रुपये उड़ा दिए। मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस टीम ने जब कड़ियां जोड़ीं तो दिल्ली के राजौरी गार्डन तक जा पहुंची।
होटल के कमरे से चल रहा था ‘ठगी का धंधा’
पुलिस ने सघन छापेमारी कर मौके से निखिल, आकाश, ध्रुव, सुनील, नितिन और दो महिला टेलीकॉलर्स को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि:
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ध्रुव: पूरे फर्जी कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड और सरगना है।
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नितिन: ठगी के लिए बैंक ग्राहकों का डेटा, मोबाइल और फर्जी सिम मुहैया कराता था।
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अन्य आरोपी: फर्जी एग्जीक्यूटिव बनकर लोगों को फोन मिलाते और ओटीपी ऐंठते थे।
ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खपाते थे ठगी का पैसा
शातिर ठग बैंकिंग सेवाओं का झांसा देकर ओटीपी हासिल करते और पलक झपकते ही खातों को साफ कर देते थे। ठगी की रकम को खपाने के लिए वे उससे तुरंत महंगे ऑनलाइन सामान खरीदते और फिर उसे बाजार में कम दाम पर बेचकर कैश निकाल लेते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड ध्रुव और नितिन पर पहले से भी साइबर अपराध के कई संगीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस बरामद सिम और मोबाइल का फॉरेंसिक डेटा खंगाल रही है।




