साहिबाबाद (गाजियाबाद):
बीती 8 अगस्त को मोहन नगर फ्लाईओवर और डीसीपी ऑफिस के पास झाड़ियों में मिले लखवेंद्र के शव के मामले का साहिबाबाद थाना पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। महज एक मामूली गाली-गलौज के विवाद में तीन युवकों ने ईंट से सिर कुचलकर लखवेंद्र की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
खाना लेने निकला था लखवेंद्र, 8 अगस्त को मिली थी लाश
मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला लखवेंद्र साहिबाबाद के अर्थला इलाके में अपने पिता के साथ किराए के मकान में रहता था। बीते 5 अगस्त को वह अपने पिता से ‘खाना लेकर आता हूं’ कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। 10 अगस्त को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद मोर्चरी में उसकी शिनाख्त लखवेंद्र के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मृतक के भाई बबलू ने लखवेंद्र की दूसरी पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का अंदेशा जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
नागद्वार से दबोचे गए तीनों कातिल
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस टीम ने सघन चेकिंग अभियान के दौरान नागद्वार से माता मंदिर के पास से एक मोटरसाइकिल सवार तीन संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अजीत, आलिद और पप्पी उर्फ शाहनवाज (तीनों निवासी कैला भट्ठा, गाजियाबाद) के रूप में दी। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
नशे की हालत में हुआ विवाद, ईंट से वार कर झाड़ियों में फेंका
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि 6 अगस्त की रात लखेंद्र मोहन नगर से वसुंधरा जाने वाली सड़क के किनारे बेहद नशे की हालत में बैठा था। इसी दौरान गाली-गलौज को लेकर आरोपियों का उससे विवाद हो गया। गुस्साए तीनों युवकों ने पास पड़ी ईंट से लखेंद्र के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए और उसे मरणासन्न हालत में कूड़े के ढेर के पास धक्का देकर फरार हो गए।
पुलिस की खबरी बनने के डर से छीना था फोन
वारदात के बाद आरोपियों को डर था कि लखेंद्र होश में आने पर पुलिस को सूचना दे सकता है, इसलिए वे उसका मोबाइल फोन भी छीनकर भाग गए थे। बाद में शातिराना अंदाज में उन्होंने रास्ते में फोन पड़ा मिलने का नाटक करते हुए उसे कैला भट्ठा पुलिस चौकी में जमा करा दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।




