नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद BCCI ने खिलाड़ियों के फिटनेस मानकों को और सख्त करने का फैसला किया है। अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट पहले से कम समय में पूरा करना होगा। पहले यह टेस्ट 6 मिनट में होता था, जबकि अब इसे 5 मिनट 15 से 20 सेकेंड के भीतर पूरा करना होगा। इसके तुरंत बाद 2 किलोमीटर की दौड़ भी 9 से 10 मिनट में पूरी करनी होगी। पहले दोनों टेस्ट अलग-अलग होते थे, लेकिन अब इन्हें लगातार कराया जाएगा, जिससे चुनौती काफी बढ़ जाएगी।
ब्रोंको टेस्ट में खिलाड़ियों को बिना किसी ब्रेक के पांच सेट पूरे करने होते हैं। हर सेट में 20, 40 और 60 मीटर की अप-डाउन दौड़ शामिल होती है। वहीं पहले 2 किलोमीटर की दौड़ स्टैंडअलोन टेस्ट थी, जिसमें तेज गेंदबाजों के लिए 8 मिनट 15 सेकेंड और अन्य खिलाड़ियों के लिए 8 मिनट 30 सेकेंड का समय तय था। अब ब्रोंको टेस्ट के तुरंत बाद यह दौड़ पूरी करनी होगी।
BCCI सूत्रों के अनुसार, पिछले एक साल में फिटनेस मानकों का सख्ती से पालन नहीं हुआ। कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आसान लक्ष्य दिए गए और टीम मैनेजमेंट के अनुरोध पर पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी को क्लियरेंस मिली। इंग्लैंड दौरे के दौरान ज्यादा वजन के कारण हर्षित राणा को टीम से वापस भेजा गया था। अब उनके लिए 96 किलो से कम वजन का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल उनका वजन 94 किलो है और अगले सप्ताह तक उन्हें फिट घोषित किया जा सकता है।
लगातार चोटों और खिलाड़ियों में क्रैम्प्स की शिकायतों के बाद BCCI सचिव देवजीत सैकिया और टीम मैनेजमेंट ने टीम फिजियो कमलेश जैन से जवाब मांगा है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि किसी भी खिलाड़ी की फिटनेस में कमी दिखने पर बिना किसी भेदभाव के तुरंत जानकारी दें। वहीं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और टीम मैनेजमेंट के बीच तालमेल की कमी भी सामने आई है। जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के पहले मैच तक फिट करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका, जबकि विशेषज्ञों ने बार-बार यो-यो, ब्रोंको और 2K टेस्ट कराए जाने से खिलाड़ियों में शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ने तथा चोट का खतरा बढ़ने की आशंका जताई है।




