नई दिल्ली। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीते सिल्वर मेडल को अपने करियर की खास उपलब्धियों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में चोटों और लंबी रिकवरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद यह मेडल उनके लिए दूरी से कहीं ज्यादा मायने रखता है। नीरज ने जैवलिन थ्रो में 85.83 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर जीता, जबकि भारत के यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
नीरज ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कुछ थ्रो सिर्फ दूरी तय करते हैं, लेकिन कुछ पल पूरी यात्रा का भार अपने साथ लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि बीते 10 महीने बेहद चुनौतीपूर्ण रहे, जिनमें चोटों से उबरने, शरीर को फिर से तैयार करने और अपनी लय हासिल करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार उन्हें धैर्य रखना पड़ा, क्योंकि यह तय नहीं था कि वे इस सीजन में प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे या नहीं।
नीरज ने अपनी वापसी का श्रेय फिजियो ईशान, कोच जय, परिवार और समर्थकों को दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी के भरोसे और सहयोग के बिना इस स्तर पर वापसी संभव नहीं थी। उन्होंने अपने साथ हर कदम पर खड़े रहने के लिए सभी का आभार जताया और कहा कि अब उनका पूरा ध्यान सीजन के अगले मुकाबलों पर है।
इसी बीच आयोजकों ने पुष्टि की है कि नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को होने वाली लॉसेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। ‘एथलेटिसिमा’ के नाम से मशहूर इस प्रतियोगिता में वह चौथी बार उतरेंगे और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की कोशिश करेंगे।




