नई दिल्ली। भारत के दिलीप महादु गावित ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पैरा 100 मीटर दौड़ में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह भारत का इन खेलों में तीसरा गोल्ड है। इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड की टाइमिंग के साथ सिल्वर मेडल जीता। वहीं, लॉन्ग जम्प में मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर हासिल किया। इसके साथ ही वह लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष लंबी कूद का सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। इस स्पर्धा का गोल्ड जमैका के तजय गेल ने 8.15 मीटर की छलांग के साथ जीता। गावित और बासिल के मेडल के बाद भारत 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 15 पदकों के साथ पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया।
बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लैम्बोरिया ने इंग्लैंड की इलिस ग्लिन को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और वह इस संस्करण में सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारत की 10वीं मुक्केबाज बनीं। अरुंधति ने 70 किलोग्राम में न्यूजीलैंड की मॉर्गन एडरसन को 3-1 से, साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम में नॉर्दर्न आयरलैंड की कैथलीन फ्रेयर को 5-0 से, नरेंद्र बेरवाल ने 90 किलोग्राम में समोआ के माइकल सेको को 3-2 से, अंकुश पंघल ने 80 किलोग्राम में सेशेल्स के जे मिकॉक को 5-0 से और सचिन ने 70 किलोग्राम में बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी को 5-0 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन, प्रीति पवार, प्रिया घंगस और जादुमणि सिंह भी सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने पदक पक्के कर चुके हैं। बॉक्सिंग में सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है।
एथलेटिक्स में शॉट पुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। तूर ने दूसरे प्रयास में 20.14 मीटर का थ्रो फेंककर ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल किया, जबकि समरदीप ने 19.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कुल पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। नियमों के अनुसार 20 मीटर का निशान पार करने वाले या टॉप-12 में रहने वाले खिलाड़ी फाइनल में पहुंचते हैं।
वहीं, वेटलिफ्टिंग में 19 वर्षीय संजना महिलाओं के 77 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में स्नैच के तीनों प्रयासों में 94 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहीं और पदक से चूक गईं। इससे पहले निरुपमा देवी सेराम भी अपने वर्ग में क्लीन एंड जर्क के तीनों प्रयासों में सफल नहीं हो सकी थीं। संजना इन खेलों में पदक से चूकने वाली भारत की दूसरी वेटलिफ्टर बनीं।




