नई दिल्ली। सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली अस्पताल में कार्यरत 35 वर्षीय सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ने ड्यूटी रूम में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले डॉक्टर पिछले तीन वर्षों से अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में सेवाएं दे रहे थे। घटना के बाद कमरे से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेमिका से शादी नहीं हो पाने को आत्महत्या का कारण बताया है। उन्होंने लिखा कि दोनों की जाति अलग होने के कारण परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था और अपनी मौत के लिए उन्होंने स्वयं को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपना निजी सामान प्रेमिका को सौंपने की इच्छा भी जताई। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर नाइट ड्यूटी पर थे और उन्होंने खुद अपने हाथ में कैनुला लगवाया था। सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां डॉक्टर अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके से इस्तेमाल की हुई सिरिंज और दवाओं की खाली शीशियां बरामद हुई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
अस्पताल के ड्यूटी रूम में डॉक्टर ने दी जान, सुसाइड नोट में प्रेम प्रसंग का जिक्र




