नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने गुरुवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में होगा। इसके बाद यह व्यवस्था सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लागू होगी, जिसमें अंडर-11 से लेकर मास्टर्स वर्ग तक के खिलाड़ी शामिल होंगे। नए नियमों के तहत मुकाबले पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम होंगे, लेकिन प्रत्येक गेम अब 21 की बजाय 15 अंकों का होगा। 14-14 की बराबरी पर दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी, जबकि स्कोर 20-20 होने पर अगला अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी गेम जीत जाएगा। साथ ही मिड-गेम ब्रेक अब 11 की जगह 8 अंक पर मिलेगा और तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेमों के बीच 120 सेकेंड का ब्रेक और अगले गेम में पिछला गेम जीतने वाले खिलाड़ी की पहली सर्विस का नियम पहले की तरह लागू रहेगा। BAI महासचिव संजय मिश्रा ने बताया कि घरेलू स्तर पर यह बदलाव खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों को नए प्रारूप के अनुरूप तैयार करने के लिए किया जा रहा है, जबकि बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) इसे जनवरी 2027 से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लागू करेगा।
बैडमिंटन में बड़ा बदलाव, जुलाई से 21 नहीं 15 पॉइंट्स का होगा हर गेम




