रक्सौल। बिहार के रक्सौल की 15 वर्षीय बल्लेबाज अक्षरा गुप्ता ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से महिला क्रिकेट में नई पहचान बना ली है। बिहार महिला अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में उन्होंने केवल 126 गेंदों पर नाबाद 306 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 55 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उन्होंने महज 16 गेंदों में अर्धशतक और 34 गेंदों में शतक पूरा किया तथा 242.86 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए टीम को 40 ओवर में 450 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चार दिन बाद उन्होंने 68 गेंदों में 164 रन की एक और विस्फोटक पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। साधारण परिवार से आने वाली अक्षरा के पिता ने घर के पीछे अभ्यास के लिए नेट और पिच तैयार कराई, जबकि मां ने हर दिन सुबह उठाकर उनकी फिटनेस और अभ्यास का ध्यान रखा। आठ साल की उम्र से क्रिकेट खेल रही अक्षरा ने 14 साल में बिहार अंडर-19 टीम की कप्तानी संभाली और उसी उम्र में सीनियर महिला टीम में जगह बनाकर राज्य की सबसे कम उम्र की सीनियर महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया। एक ही सीजन में बीसीसीआई के चार अलग-अलग आयु वर्ग के टूर्नामेंट खेलने वाली बिहार की पहली महिला क्रिकेटर बनने वाली अक्षरा की आक्रामक बल्लेबाजी शैली और बाएं हाथ से खेलने के कारण उनकी तुलना वैभव सूर्यवंशी से की जा रही है। स्मृति मंधाना और विराट कोहली से प्रेरित अक्षरा का सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है।
15 साल की अक्षरा का तूफान, 126 गेंदों में ठोका तिहरा शतक, बनीं ‘फीमेल वैभव सूर्यवंशी’




