ग्वालियर। 24 मई से लापता 13 वर्षीय छात्रा का शव भिंड के मौ क्षेत्र स्थित सिंध नदी किनारे मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को पुलिस द्वारा कराए गए सीन रीक्रिएशन और फॉरेंसिक जांच में सौतेले पिता की आत्महत्या वाली कहानी वैज्ञानिक साक्ष्यों से मेल नहीं खाती दिखी, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, सौतेले पिता ने दावा किया था कि छात्रा ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और बदनामी के डर से उसने शव को सिंध नदी किनारे ठिकाने लगा दिया। हालांकि घर के अंदर जाने और करीब 25 मिनट बाद बाहर आकर घटना की जानकारी देने वाले उसके बयान पर पुलिस को संदेह है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शव को कार में ले जाने से पहले सीएनजी भरवाने गया था और पत्नी को बताया था कि नदी के मगरमच्छ शव को खा जाएंगे। पुलिस अब मृतका की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि उसने घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचित नहीं किया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की है और पुलिस ने मां व सौतेले पिता को हिरासत में रखा है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए बरामद क्षत-विक्षत शव का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा, ताकि उसकी पहचान की पुष्टि की जा सके।
लापता छात्रा की मौत का रहस्य गहराया, सौतेले पिता की कहानी पर उठे सवाल




