भोपाल। प्रदेश में LPG संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। घरेलू गैस सिलेंडर की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अब भी ठप जैसी बनी हुई है, जिससे करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हैं। ऑयल कंपनियों से सिलेंडर ट्रकों में लोड तो किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार के आदेश के अभाव में इन्हें होटल-रेस्टोरेंट तक नहीं पहुंचाया जा रहा। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस, सेना और रेलवे कैंटीन जैसी जरूरी सेवाओं तक सीमित है। होटल एसोसिएशन का कहना है कि पिछले सात दिनों से सप्लाई नहीं होने के कारण भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में गैस का स्टॉक खत्म होने की स्थिति में है, जिससे कारोबारियों को इंडक्शन और डीजल भट्ठियों जैसे महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं और मेन्यू में बदलाव करना पड़ा है। वहीं घरेलू गैस बुकिंग की समस्या करीब 50 प्रतिशत तक कम हुई है, लेकिन लोगों में कमी का डर बना हुआ है और वे अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। कालाबाजारी पर कार्रवाई करते हुए भोपाल में करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस बीच गैस किल्लत को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग तरीकों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
कमर्शियल LPG की किल्लत बरकरार, होटल-रेस्टोरेंट पर असर




