इंदौर। शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम अंतिम निरीक्षण कर रही है। सोमवार को सीएमआरएस और उनकी टीम मेट्रो में सफर कर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर दो से कुम्हेड़ी आईएसबीटी स्टेशन तक निरीक्षण करेगी। इस दौरान टीम मेट्रो स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं जैसे लिफ्ट, एस्केलेटर, टिकटिंग सिस्टम, फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम और प्लेटफॉर्म पर लगे सुरक्षा दरवाजों की जांच करेगी। इससे पहले रविवार को करीब नौ घंटे तक मेट्रो ट्रैक और वायडक्ट का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान ट्रैक की रीडिंग, मोड़ों वाले हिस्सों की मजबूती, इलेक्ट्रिकल उपकरणों और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को विशेष उपकरणों से परखा गया। सीमेंट और कंक्रीट की मजबूती की अल्ट्रासाउंड जांच भी की गई। इस अंतिम निरीक्षण के लिए सत्तर से अधिक सदस्यों की टीम शहर पहुंची है और पंद्रह ट्रॉलियों के जरिए पूरे ट्रैक का निरीक्षण कर रही है। सोमवार और मंगलवार को लगभग ग्यारह दशमलव पांच किलोमीटर लंबे हिस्से में बने ग्यारह मेट्रो स्टेशनों की जांच की जाएगी, जबकि अठारह मार्च को ट्रैक पर मेट्रो को अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर स्पीड ब्रेक परीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के कारण करीब छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की बड़ी खामी सामने नहीं आई थी और यदि अंतिम निरीक्षण के बाद मंजूरी मिल जाती है तो गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक करीब सत्रह किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो सेवा शुरू हो सकेगी। इस विस्तार के साथ चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, सुखलिया ग्राम, विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन का काम भी अंतिम चरण में है और लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक काम पूरा कर अप्रैल के पहले सप्ताह में पूरे रूट पर मेट्रो संचालन शुरू किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट इंदौर मेट्रो का अंतिम निरीक्षण जारी




