गाजियाबाद: एक करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी की जांच में CBI के सामने पूछताछ का डर इतना बढ़ गया कि एक युवक ने अपने ही बचपन के दोस्त की जान ले ली। आरोप है कि दिल्ली जाते समय आरोपी ने गाजियाबाद में ट्रेन से अपने दोस्त को धक्का दे दिया। युवक की मौत के बाद आरोपी ने उसके परिवार को गुमराह करने की कोशिश भी की।
मामले में मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी देवेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे डर था कि उसका दोस्त CBI के सामने उसका नाम ले देगा और इसके बाद वह खुद जांच के घेरे में आ जाएगा।
रेलवे ट्रैक पर मिला था शव
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब 16 सितंबर की सुबह गाजियाबाद में कैला खेड़ा के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। सूचना मिलने के बाद GRP ने परिजनों को जानकारी दी।
मृतक की पहचान पीलीभीत के कल्याणपुर गांव निवासी 30 वर्षीय भारत सिंह के रूप में हुई। शुरुआती तौर पर मामला ट्रेन से गिरने या हादसे का लग सकता था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसमें हत्या का एंगल सामने आया।
एक करोड़ की साइबर ठगी से जुड़ा था बैंक खाता
पुलिस के मुताबिक, भारत सिंह का बैंक खाता उसके बचपन के दोस्त देवेश कुमार ने खुलवाया था। वर्ष 2024 में इसी खाते में कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे।
इस मामले की जांच पहले दिल्ली पुलिस कर रही थी। बाद में जांच CBI को सौंप दी गई। इसी सिलसिले में CBI की टीम 9 सितंबर को भारत के घर पहुंची थी।
पूछताछ में भारत ने जांच टीम को बताया था कि बैंक खाता खुलवाने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज उसने करीब दो साल पहले अपने दोस्त देवेश को दिए थे।
दस्तावेजों की कड़ी पहुंची तीसरे व्यक्ति तक
जांच के दौरान देवेश ने CBI को कथित तौर पर बताया कि भारत के दस्तावेज उसने गांव गोहनिया निवासी हरिओम को दिए थे। इसके बाद जांच टीम हरिओम के घर भी पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला।
CBI ने इसके बाद भारत और देवेश दोनों को 16 सितंबर को दिल्ली कार्यालय में पेश होने का नोटिस दिया था। दोनों को इस पूछताछ में शामिल होना था।
दिल्ली जाते समय गाजियाबाद में धक्का देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर को भारत और देवेश दिल्ली जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए। आरोप है कि जब ट्रेन गाजियाबाद के गौशाला इलाके के पास पहुंची, तभी देवेश ने भारत को ट्रेन से धक्का दे दिया।
इसके बाद भारत की मौत हो गई और उसका शव रेलवे ट्रैक पर जा गिरा।
वारदात के बाद आरोपी ने कथित तौर पर भारत के भाई को फोन कर बताया कि उसका भाई गाजियाबाद में ट्रेन से उतर गया है। इस जानकारी से परिवार को कुछ समय तक यह पता नहीं चल सका कि भारत के साथ वास्तव में क्या हुआ था।
CBI के सामने नाम खुलने का था डर
पुलिस पूछताछ में देवेश ने कथित तौर पर हत्या की वजह CBI जांच से जुड़ा डर बताया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को आशंका थी कि भारत जांच एजेंसी के सामने बैंक खाते और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी देते हुए उसका नाम ले देगा।
इसी डर के चलते उसने कथित तौर पर भारत को रास्ते से हटाने की साजिश रची और ट्रेन से धक्का दे दिया।
पिता की शिकायत पर हत्या का केस
घटना के बाद भारत के पिता ने 19 सितंबर को आरोपी देवेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी में वास्तव में किस-किस व्यक्ति की भूमिका थी, बैंक खाते का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और इस पूरे मामले में भारत, देवेश और हरिओम के बीच संबंध क्या थे।
जांच एजेंसियां साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसों के लेनदेन और दस्तावेजों की कड़ी भी खंगाल रही हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या की पूरी साजिश और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं को जांच के दौरान स्पष्ट किया जाएगा।




