नागौर में ‘ड्रग्स लैब’ का भंडाफोड़: नेवी से रिटायर होकर बन बैठा ‘केमिस्ट’, पुलिस ने रिहायशी इलाके में चल रही फैक्ट्री को किया ध्वस्त
नागौर। शहर की शांत दीप कॉलोनी में एक आम सा दिखने वाला मकान असल में नशे की काली दुनिया का ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बना हुआ था। नागौर पुलिस और डीएसटी (DST) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए इस अवैध MDMA (मैफेड्रोन) लैब का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में मौके से 389.15 ग्राम तैयार MDMA, हथियार, नगदी और ड्रग्स बनाने का भारी सामान जब्त किया गया है।
खाकी और नेवी की ट्रेनिंग का खौफनाक मेल
मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस ने मौके से महावीर (28) पुत्र हनुमान को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी भारतीय नौसेना (Indian Navy) का पूर्व सैनिक है, जो करीब तीन महीने पहले ही रिटायर हुआ था।
अनुशासन और देशसेवा के रास्ते से भटक कर आरोपी ने अपने हुनर का इस्तेमाल नशे का ‘सिंडिकेट’ खड़ा करने में लगा दिया। पुलिस कप्तान आसाराम चौधरी (चिढ़ाईन) ने बताया कि आरोपी पहले से तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा था और रिटायरमेंट के बाद उसने खुद की लैब स्थापित कर बड़े पैमाने पर ड्रग्स सप्लाई का प्लान बनाया था।
रेड में मिलीं 22 तरह की सामग्रियां:
पुलिस जब दीप कॉलोनी के उस ठिकाने में दाखिल हुई तो वहां का मंज़र देखकर हैरान रह गई। मौके से मिला सामान यह बताने के लिए काफी था कि यहां ‘इंडस्ट्रियल लेवल’ पर MDMA तैयार की जा रही थी:
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तैयार ड्रग्स: 389.15 ग्राम शुद्ध MDMA
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हथियार व नगदी: 1 पिस्टल, 1 जिंदा कारतूस, 3 खाली खोल और ₹1,80,500 कैश
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रॉ मैटेरियल: करीब 25 लीटर नशीला केमिकल और 100 प्रतिबंधित ‘ट्रामोडोल’ कैप्सूल
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लैब इक्विपमेंट: अधबनी MDMA से भरी कांच की ट्रे, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, पैकेजिंग थैलियां और अन्य कुल 22 तरह के उपकरण।
5 किलो MDMA बनाने की थी तैयारी: पुलिस के अनुसार, अगर समय रहते यह कार्रवाई न होती तो आरोपी करीब 5 किलोग्राम MDMA तैयार कर मार्केट में खपाने की फिराक में था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये हो सकती थी।
मुंडवा चौराहे पर दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक
नशे के खिलाफ जारी इस महा-अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में मुंडवा चौराहा स्थित स्वास्तिक गैराज के पास घेराबंदी की। यहां से पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को हिरासत में लिया, जिसके पास से 261 ग्राम MDMA बरामद हुई। नाबालिग का इस्तेमाल इस काली कमाई के धंधे में कूरियर के तौर पर किया जा रहा था। मामले में NDPS एक्ट के तहत अलग से FIR दर्ज की गई है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूर्व नौसैनिक महावीर को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि इस जहर को बनाने का केमिकल कहां से आता था और इसका असली ‘मास्टरमाइंड’ व सप्लाई नेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ है।




