नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाला मामले में सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से केस से हटने (रिक्यूज) की दोबारा मांग की और करीब डेढ़ घंटे तक अपनी दलीलें पेश करते हुए आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों में एक पैटर्न दिखता है, जिसमें ED और CBI के तर्कों को लगातार स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही दोषी माना जा रहा है और निष्पक्ष सुनवाई को लेकर उनके मन में शंका पैदा हो गई है। केजरीवाल ने जज के कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने और पहले दिए गए आदेशों का हवाला देते हुए कुल 10 आधारों पर रिक्यूजल की मांग रखी। यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें CBI ने ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। केजरीवाल का कहना है कि बिना उनकी बात सुने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी करना और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाना पक्षपात की आशंका पैदा करता है। फिलहाल कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है और CBI को भी जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब घोटाला केस: केजरीवाल ने हाईकोर्ट जज के रिक्यूजल की फिर मांग, पक्षपात का आरोप




