गाजियाबाद: लोनी थाना पुलिस ने नकबजनी के एक मामले में वांछित आरोपी को कथित पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। उसके कब्जे से तमंचा, एक खोखा और जिंदा कारतूस के अलावा करीब 50 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद होने का दावा किया गया है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
निठोरा अंडरपास के पास पुलिस ने रोका
एसीपी लोनी रामकिशन के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात पुलिस टीम निठोरा अंडरपास के पास संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नकबजनी के मामले में वांछित आरोपी मोटरसाइकिल से निठोरा की तरफ आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने चेकिंग बढ़ा दी। कुछ देर बाद बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी कथित तौर पर बाइक की रफ्तार बढ़ाकर मौके से भागने लगा।
बाइक फिसली तो पुलिस पर फायरिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, पीछा करने के दौरान आरोपी की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। इसके बाद उसने कथित तौर पर तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर गोली चला दी।
पुलिस का कहना है कि अपनी सुरक्षा में टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार करने के बाद उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया।
पूछताछ में सामने आई आरोपी की पहचान
पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपी की पहचान सचिन पुत्र राजू, निवासी डबल टंकी के पास, रूपनगर, लोनी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा, खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद करने का दावा किया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
20 अगस्त की चोरी का भी खुलासा करने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने 20 अगस्त 2026 की रात लोनी के गिरि मार्केट क्षेत्र में एक घर में घुसकर चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब बरामद आभूषणों के संबंध में अन्य चोरी की घटनाओं से भी कनेक्शन की जांच कर रही है।
आरोपी पर दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, सचिन के खिलाफ कमिश्नरेट गाजियाबाद के अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें नकबजनी, चोरी, चोरी के माल की बरामदगी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और बरामद सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के बाद होगी।




