मोबाइल टावरों से RRU डिवाइस चुराने वाले गिरोह का खुलासा, बाइक के साथ दो युवक गिरफ्तार; दो साथी फरार

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गाजियाबाद। मोबाइल टावरों में लगी आरआरयू (RRU) डिवाइस को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह के दो कथित सदस्यों को क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई आरआरयू डिवाइस और वारदात में इस्तेमाल की जा रही एक बाइक बरामद हुई है।

पूछताछ में इस गिरोह से दो अन्य युवकों के जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने मोबाइल टावरों को निशाना बनाया।

मुखबिर की सूचना पर ताज हाईवे के पास पहुंची पुलिस

एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल के मुताबिक 25 अक्टूबर को क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में तैनात उपनिरीक्षक दिनेश कुमार पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे।

टीम राहुल विहार कट के पास पहुंची तो मुखबिर से सूचना मिली कि विजयनगर क्षेत्र के मोबाइल टावरों से चोरी की गई डिवाइस लेकर दो युवक ताज हाईवे के पास एक बाउंड्री के अंदर मौजूद हैं। उनके पास एक बाइक भी होने की जानकारी दी गई।

सूचना के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान की घेराबंदी की। वहां बाइक के पास खड़े दो युवकों को पकड़ लिया गया।

शिवम और 19 वर्षीय कृष गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भीम नगर निवासी शिवम कुमार और शांति कुमार निधिवन सोसाइटी के गेट के पास रहने वाले 19 वर्षीय कृष ठाकुर के रूप में हुई है।

तलाशी और जांच के दौरान उनके पास से मोबाइल टावर में इस्तेमाल होने वाली आरआरयू डिवाइस बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस ने मौके से एक बाइक भी कब्जे में ली है।

पूछताछ में आरोपियों ने बरामद उपकरण के मोबाइल टावर की आरआरयू डिवाइस होने की बात स्वीकार करने के साथ अपने दो अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी दी है।

दो और आरोपियों की तलाश, पुरानी चोरियों की भी खंगाली जा रही कड़ी

दोनों गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब कथित गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फरार बताए जा रहे दोनों युवकों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

इसके साथ ही विजयनगर और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल टावरों से हुई पिछली उपकरण चोरियों का रिकॉर्ड भी आरोपियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की गई आरआरयू डिवाइस को आरोपी कहां और किसे बेचते थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की पूछताछ के बाद गिरोह के नेटवर्क तथा चोरी के उपकरणों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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