नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित लेडी ड्रग माफिया पार्वती और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला लंबे समय से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी हुई थी और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अपने नेटवर्क के जरिए ड्रग्स की सप्लाई कर रही थी।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान पार्वती के घर से चरस और उसका डायल्यूटेड फॉर्म बरामद होने का दावा किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने एक लग्जरी SUV को भी जब्त किया है। बरामद नशीले पदार्थों को जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस आरोपी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
नरेला में ड्रग्स की खेप पहुंचने की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स टीम को सूचना मिली थी कि नरेला इलाके में बड़ी मात्रा में स्मैक की खेप पहुंची है और उसे आगे सप्लाई करने की तैयारी चल रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और एक बिल्डिंग पर छापा मारा।
रेड के दौरान बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक महिला और एक व्यक्ति मौजूद मिले। पूछताछ और तलाशी के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। जांच में महिला की पहचान पार्वती के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले से भी नारकोटिक्स से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
1990 से नशे के कारोबार से जुड़ी होने का दावा
पुलिस का कहना है कि पार्वती करीब तीन दशक से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी रही है। जांच के मुताबिक, वर्ष 1990 के आसपास उसने इस धंधे में कदम रखा था। शुरुआत में वह कोतवाली इलाके में सक्रिय थी। इसके बाद उसका नेटवर्क नॉर्थ दिल्ली और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली तक फैलता गया।
पिछले कुछ वर्षों से वह आउटर नॉर्थ जिले में कथित तौर पर ड्रग्स के कारोबार को संचालित कर रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतने लंबे समय तक उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल रहे और ड्रग्स की सप्लाई किन रास्तों से होती थी।
बाहर से आती थी ड्रग्स, कई हाथों से होकर पहुंचती थी स्ट्रीट तक
जांच में पुलिस को शक है कि नशीले पदार्थ बाहर से मंगाए जाते थे। इसके बाद उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय किसी दूसरे स्थान पर स्टोर किया जाता था। वहां से अलग-अलग चैनलों और छोटे सप्लायरों के जरिए ड्रग्स की खेप स्ट्रीट लेवल पर पहुंचाई जाती थी।
पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ड्रग्स की सप्लाई कहां से होती थी, इसके लिए किन लोगों का इस्तेमाल किया जाता था और दिल्ली में किन इलाकों में इसकी बिक्री की जाती थी।
गैंग के संचालन से लेकर डिलीवरी तक में सक्रिय रहने का आरोप
पुलिस जांच में पार्वती की भूमिका को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, वह सिर्फ पर्दे के पीछे रहकर नेटवर्क नहीं चलाती थी, बल्कि जरूरत पड़ने पर ड्रग्स की डिलीवरी लेने और सप्लाई से जुड़े कामों में भी सक्रिय रहती थी।
पुलिस के मुताबिक, उसके नेटवर्क में ड्रग्स की तस्करी से लेकर सड़क स्तर पर नशीले पदार्थ बेचने वाले लोगों तक कई स्तर शामिल थे। अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
करोड़ों की संपत्ति का भी लगाया जा रहा पता
पुलिस ने अब मामले की आर्थिक जांच भी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी पार्वती की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नशे के कथित कारोबार से कितनी रकम अर्जित की गई और उस पैसे को कहां-कहां लगाया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने नशीले पदार्थों के कारोबार से बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की हो सकती है। इसी आधार पर उसकी संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है।
पार्वती के तीन बेटे बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि परिवार के किसी अन्य सदस्य की इस कथित ड्रग्स नेटवर्क में कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार महिला और उसके साथी से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।




