फरीदाबाद: बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर नशे की एक बड़ी खेप पहुंचने से पहले ही जीआरपी ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 से महिला समेत तीन अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो कट्टों में छिपाकर रखा गया करीब 50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये है।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान रोहतक निवासी जोबनप्रीत (25), अनीता (34) और नितिन (19) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जोबनप्रीत और अनीता पति-पत्नी हैं, जबकि नितिन को दोनों अपना मुंहबोला भाई बताते हैं। जीआरपी अब तीनों से पूछताछ कर गांजा सप्लाई करने वाले नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
प्लेटफॉर्म पर बैठे थे तीनों, पुलिस को देखते ही भागने लगे
जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक, 12 सितंबर को बल्लभगढ़ रेलवे पुलिस चौकी की टीम स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मथुरा की तरफ से ट्रेन से आए दो पुरुष और एक महिला भारी मात्रा में गांजे के साथ प्लेटफॉर्म नंबर-3 के दक्षिणी छोर पर बैठे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए बताए गए स्थान की घेराबंदी कर दी। पुलिसकर्मियों को अपनी तरफ बढ़ता देख तीनों संदिग्धों ने वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी पहले ही की जा चुकी थी। पुलिस ने तीनों को मौके पर पकड़ लिया।
पूछताछ में तीनों ने अपनी पहचान जोबनप्रीत, अनीता और नितिन के तौर पर बताई। पुलिस के मुताबिक, तीनों स्टेशन से बाहर निकलकर आगे गांजा पहुंचाने की तैयारी में थे।
दो कट्टों से निकला 50 किलो गांजा
पुलिस ने आरोपियों के सामान की तलाशी की। बरामद गांजे की मात्रा की आधिकारिक तौल ड्यूटी मजिस्ट्रेट कनक यादव, ईटीओ, फरीदाबाद वेस्ट की मौजूदगी में कराई गई।
तलाशी के दौरान एक कट्टे से 24 किलो 454 ग्राम और दूसरे कट्टे से 25 किलो 546 ग्राम गांजा बरामद हुआ। दोनों की कुल मात्रा 50 किलोग्राम निकली।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में गांजा रखने या ले जाने से संबंधित कोई वैध लाइसेंस अथवा परमिट पेश नहीं कर सके।
विशाखापट्टनम से खरीदी थी खेप!
पूछताछ में पुलिस को गांजे की सप्लाई के पीछे के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। जीआरपी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर यह गांजा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से करीब 2 लाख रुपये में खरीदा था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि खेप को आगे दिल्ली और महम (रोहतक) इलाके में खपाने की तैयारी थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी बरामद गांजे को करीब 6 लाख रुपये में बेचने की फिराक में थे।
इस तरह पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर ही तस्करी की इस कथित योजना को पकड़ लिया।
अब सप्लायर की तलाश में जीआरपी
तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जीआरपी अब उस नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जहां से गांजे की खेप खरीदी गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले आरोपी कितनी बार नशे की खेप दूसरे राज्यों से ला चुके हैं और इस नेटवर्क में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
जीआरपी के डीएसपी राजेश चेची के मुताबिक, नशा तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस बरामद गांजे के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




