नई दिल्ली। दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही 23 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या से सनसनी फैल गई। छात्रा की मौत से करीब 24 घंटे पहले उसके मुंहबोले भाई ने भी कथित तौर पर खुदकुशी की थी। पुलिस के मुताबिक, छात्रा अपने करीबी अंशुल की मौत से बेहद परेशान थी।
दोनों घटनाओं में पुलिस को अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच जारी है।
जिम में हुई थी दोनों की मुलाकात
पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय अंशुल मूल रूप से आगरा का रहने वाला था। वह स्वर्गाश्रम इलाके में किराए के फ्लैट में रहकर एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। करीब छह महीने से वह स्थानीय जिम में नियमित रूप से जाता था।
इसी दौरान उसकी मुलाकात 23 वर्षीय सिमरन से हुई। सिमरन भी पास के इलाके में किराए के फ्लैट में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पढ़ाई को लेकर सिमरन अक्सर अंशुल की मदद करती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता बन गया और अंशुल उसे अपनी बड़ी बहन मानने लगा।
रात में आया फोन, लेकिन नहीं उठा सकी सिमरन
पुलिस के अनुसार, सोमवार रात करीब 11 बजे अंशुल ने सिमरन को फोन किया था। उस समय सिमरन व्यस्त थी, इसलिए वह फोन नहीं उठा सकी। करीब 15-20 मिनट बाद जब उसकी नजर फोन पर पड़ी तो उसने अंशुल को वापस कॉल किया, लेकिन इस बार फोन रिसीव नहीं हुआ।
अंशुल से संपर्क नहीं होने पर सिमरन उसके फ्लैट पर पहुंची। वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। अंशुल पंखे से लटका मिला। सिमरन ने तुरंत अपने सहपाठी तनिष्क और दो-तीन अन्य साथियों को बुलाया। दोस्तों ने उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल ले गए।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अंशुल को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अंशुल के परिवार को घटना की जानकारी दी।
दोस्त की मौत से टूट गई सिमरन
अंशुल की मौत के बाद सिमरन सदमे में थी। मंगलवार शाम उसके सहपाठी उसे उसके फ्लैट पर छोड़कर गए थे। वहां पहुंचने के बाद उसने परिजनों से भी बातचीत की।
बताया जा रहा है कि अंशुल की मौत को लेकर सिमरन खुद को भी जिम्मेदार मानने लगी थी। उसे कथित तौर पर यह बात परेशान कर रही थी कि अगर उसने अंशुल का फोन उसी समय उठा लिया होता तो शायद वह उसे ऐसा कदम उठाने से रोक पाती।
रात करीब 11 बजे सिमरन ने भी कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब दोस्तों ने उसे फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला तो वे उसके फ्लैट पर पहुंचे। वहां सिमरन को भी फंदे से लटका पाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
दोनों मौतों की जांच में पुलिस कई पहलुओं को जोड़कर देख रही है। घटनास्थलों पर एफएसएल और क्राइम टीम को बुलाया गया था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। हालांकि, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए दोनों मृतकों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
इसके अलावा दोनों से जुड़े अन्य छात्रों और परिचितों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले दोनों की मानसिक स्थिति और आपसी बातचीत कैसी थी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल दोनों मामलों को आत्महत्या के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने तक सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।




