मिर्जापुर: जम्मूतवी एक्सप्रेस के एक कोच में ट्रॉली बैग लेकर सफर कर रही 20 वर्षीय युवती का संदिग्ध व्यवहार पुलिस को भारी पड़ गया। मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए युवती को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके गुलाबी रंग के ट्रॉली बैग से 11.530 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 5.75 लाख रुपये है। आरोपी युवती के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर ट्रेन में बिछाया गया जाल
जीआरपी प्रभारी राजेश वर्मा के मुताबिक, रविवार को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध यात्रियों और सामान की जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 18309 जम्मूतवी एक्सप्रेस के बी-4 कोच में एक युवती गुलाबी रंग का ट्रॉली बैग लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा कर रही है।
सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम अलर्ट हो गई। ट्रेन के मिर्जापुर स्टेशन पहुंचते ही सुरक्षाबलों ने बी-4 कोच को घेर लिया और संदिग्ध युवती की तलाश शुरू कर दी।
बाथरूम के पास से भागने की कोशिश, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के मुताबिक, टीम को देखकर युवती ने बच निकलने की कोशिश की। वह कोच के बाथरूम की ओर बढ़कर भागने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे घेरकर पकड़ लिया।
पकड़े जाने के बाद पूछताछ में युवती ने अपनी पहचान प्रीति गिरी के रूप में बताई। वह जमालपुर थाना क्षेत्र के घरवाह गांव की रहने वाली बताई जा रही है।
बैग खुलते ही सामने आया नशे का बड़ा जखीरा
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में युवती के ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई। बैग खोलते ही अंदर खाकी रंग के टेप से लिपटे नौ अलग-अलग पैकेट बरामद हुए।
जब इन पैकेटों को तौला गया तो कुल वजन 11.530 किलोग्राम निकला। पुलिस ने बरामद सामग्री को गांजा बताते हुए उसे कब्जे में ले लिया।
संभलपुर से लाई थी गांजा, मिर्जापुर में बेचने की थी योजना
पूछताछ के दौरान युवती ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह गांजा संभलपुर से लेकर आई थी और उसे मिर्जापुर में बेचने की तैयारी थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि युवती कथित तौर पर एक स्थान से मादक पदार्थ खरीदकर दूसरे राज्यों और शहरों में सप्लाई करने के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
2022 से कर रही थी सप्लाई का काम? पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
जीआरपी प्रभारी के अनुसार, पूछताछ में युवती ने दावा किया कि वह 2022 से गांजा सप्लाई करने का काम कर रही थी और इस मामले में पहली बार पुलिस के हाथ लगी है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवती के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, वह गांजा कहां से खरीदती थी और मिर्जापुर में इसकी डिलीवरी किसे की जानी थी।
रेलवे स्टेशन पर हुई इस गिरफ्तारी के बाद जीआरपी और आरपीएफ अब इस कथित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।




