2 करोड़ की किडनैपिंग का मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार: 20 हजार का इनामी वामिक न्यू अशोक नगर से दबोचा गया, पेट्रोल पंप से भाग निकला था कारोबारी
नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली में दो करोड़ रुपये की सनसनीखेज रंगदारी और किडनैपिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। 2 जनवरी से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी भगोड़े बदमाश मोहम्मद वामिक (29) को पुलिस टीम ने न्यू अशोक नगर इलाके से धर दबोचा। अदालत ने उसे 24 मार्च को भगोड़ा घोषित किया था।
ओखला मेट्रो स्टेशन के पास से उठाया था कारोबारी
विशेष पुलिस आयुक्त (क्राइम) एचजीएस धालीवाल के मुताबिक, 44 वर्षीय कबाड़ कारोबारी निजामुद्दीन जब गाजियाबाद स्थित अपनी फैक्टरी जा रहे थे, तब ओखला मेट्रो स्टेशन के पास से बदमाशों ने गनपॉइंट पर उनका अपहरण कर लिया था। पीड़ित को बंधक बनाकर 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी गई। हालांकि, जब अपहरणकर्ता एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोककर खड़े थे, तभी कारोबारी मौका पाकर उनके चंगुल से भाग निकला और सीधे पुलिस से संपर्क किया।
मास्टरमाइंड ने रची थी किडनैपिंग की पटकथा
जांच में खुलासा हुआ कि शाहीन बाग निवासी मो. वामिक ही इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) था। उसी ने नोमान, रिजवान, तैयब और अयाज खान उर्फ भूरा को साथ मिलाकर अपहरण का प्लान बनाया था। पुलिस तीन आरोपियों (रिजवान, तैयब और अयाज) को घटना में इस्तेमाल कार समेत पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी थी, जबकि वामिक और नोमान फरार चल रहे थे।
कोटद्वार से बेंगलुरु तक भागता फिरा आरोपी
पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद वामिक और नोमान उत्तराखंड के कोटद्वार भाग गए थे। बाद में नोमान वहां से बेंगलुरु निकल गया, जबकि वामिक भेस बदलकर दिल्ली लौट आया और न्यू अशोक नगर में छिपा हुआ था।
हेयर ड्रेसर से आदतन अपराधी बनने का सफर
गाजियाबाद का रहने वाला वामिक 12वीं पास है। 2018 में आर्थिक तंगी के चलते वह लोकल क्रिमिनल्स के संपर्क में आया और चोरी-लूट के रास्ते पर चल पड़ा। बीच में उसने 2022 में वीएलसीसी (VLCC) लाजपत नगर से हेयर केमिकल का डिप्लोमा कर फरीदाबाद में सैलून भी खोला था, लेकिन धंधा न चलने पर दिसंबर 2025 में सैलून बंद कर वह पूरी तरह अपराध की दुनिया में लौट आया। आरोपी पर गाजियाबाद, इंदिरापुरम और दिल्ली में चोरी, डकैती, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के 5 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।




