फरीदाबाद: वर्ष 2023 के चर्चित एवं सनसनीखेज युवती गैंगरेप और हत्या मामले में न्याय की जीत हुई है। अदालत ने दरिंदगी की हदें पार करने वाले दोनों दोषियों को आखिरी सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों पर 2.61-2.61 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी आयद किया है।
तकरीबन तीन साल तक चली अदालती कार्रवाई और 25 गवाहों की गवाही के बाद कानून का चाबुक आखिरकार दोषियों पर चल ही गया।
हैवानियत के बाद रची थी ‘आत्महत्या’ की झूठी कहानी
मामला फरीदाबाद के मुजेसर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी प्रहलाद और गौतमबुद्ध नगर निवासी मुकेश (दोनों फरीदाबाद में किराएदार) ने मिलकर एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
पाप छुपाने और पहचान मिटाने की नीयत से दरिंदों ने युवती की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया और मौके से फरार हो गए। युवती के भाई की शिकायत पर मुजेसर पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर तफ़्तीश शुरू की थी।
क्राइम ब्रांच ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से कसा शिकंजा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच क्राइम ब्रांच (DLF) को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने मौका-ए-वारदात से भौतिक (Physical) और तकनीकी (Technical) सबूत जुटाकर 27 अप्रैल 2023 को दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
तफ्तीश से सजा तक का सफर:
29 जुलाई 2023: पुलिस ने मजबूत चार्जशीट (चालान) अदालत में दाखिल की। चिन्हित अपराध की श्रेणी: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे फ्लैगशिप/चिन्हित केस की श्रेणी में रखा। 25 गवाहों की गवाही: अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने 25 गवाहों और ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को पेश कर केस को अभेद्य बनाया।
इन धाराओं में कोर्ट ने सुनाया फैसला
अदालत ने दोनों दोषियों को मर्डर, गैंगरेप और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा, अवैध रूप से घर में घुसने और साक्ष्य मिटाने (सबूत मिटाने) की धाराओं में 3-3 साल की अतिरिक्त सजा भी दी गई है।
पुलिस की मजबूत पैरवी और साइंटिफिक एविडेंस के बल पर मिली इस कठोर सजा से पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।




