गुरुग्राम। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर को पुलिस ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। इसके बाद तंवर ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए इसे तानाशाही करार दिया और 27 जुलाई को भीमसेना व संविधान सुरक्षा पार्टी की ओर से भारत बंद का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि इस बंद को छात्र, किसान और मजदूर संगठनों का समर्थन मिल चुका है। दूसरी ओर, 27 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से लिखित आश्वासन मिलने पर अपना अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक ने बताया कि सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज नहीं करने, संसद में परीक्षा प्रणाली और NEET पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा कराने तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजे पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं, वांगचुक ने अपने संदेश में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख नहीं किया, जिससे आंदोलन को लेकर उनका और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP नेताओं का रुख अलग नजर आने लगा है। फिलहाल मेदांता अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
मेदांता में सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे सतपाल तंवर को रोका, भारत बंद का ऐलान




