गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5.08 करोड़ रुपये की ठगी गई पूरी रकम को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर फ्रीज करा दिया। इंदिरापुरम निवासी राजकपूर ने 2 जुलाई की रात करीब 11:45 बजे साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम की टीम तुरंत सक्रिय हुई और विभिन्न बैंकों व संबंधित एजेंसियों के समन्वय से रात करीब 3 बजे तक पूरी धनराशि सुरक्षित करा ली। सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) अमित सक्सेना ने बताया कि साइबर अपराध के शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं और इस दौरान 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से रकम फ्रीज होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट के सभी थानों में 24 घंटे साइबर हेल्प डेस्क और तीनों जोनों में साइबर सेल सक्रिय हैं। साथ ही एनसीआरपी पोर्टल के ‘मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल’ के माध्यम से 50 हजार रुपये तक की फ्रीज राशि नियमानुसार बिना कोर्ट के आदेश के पीड़ित को लौटाई जा सकती है, जबकि ‘ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म’ के जरिए जांच के बाद फ्रीज बैंक खातों से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाता है।
गाजियाबाद पुलिस ने बचाए 5.08 करोड़ रुपये, साइबर ठगी की रकम घंटों में कराई फ्रीज




