नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में एक युवक पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान शाहीन बाग के अबुल फजल एनक्लेव पार्ट-2 निवासी शाहिद हुसैन के रूप में हुई है। वारदात के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात से कुछ समय पहले शाहिद एक परिचित से मिलने गया था। वहां से स्कूटी पर लौटते समय बाइक सवार हमलावरों ने कथित तौर पर उसे रास्ते में रोका और हमला कर दिया।
रास्ता रोककर किया गया हमला
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शाहिद की मुलाकात शाबिद मलिक उर्फ मोनू से हुई थी। दोनों ने एक रेस्तरां में मुलाकात की और इसके बाद शाहिद वहां से स्कूटी लेकर निकला।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार करीब चार लोगों ने उसकी स्कूटी को ओवरटेक किया। इसके बाद हमलावरों ने उसे घेर लिया और चाकू से कई वार किए।
हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में नहीं बच सकी जान
वारदात के बाद गंभीर रूप से घायल शाहिद को नजदीकी अपोलो अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मामले की सूचना मिलने के बाद कालिंदी कुंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास से फॉरेंसिक और अन्य संभावित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
पुलिस रिकॉर्ड भी खंगाल रही जांच टीम
पुलिस के अनुसार, शाहिद हुसैन को दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ बताया गया है और उसके खिलाफ शाहीन बाग थाने में पहले से कई मामले दर्ज थे।
वहीं, शाबिद मलिक उर्फ मोनू के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ भी कालिंदी कुंज इलाके में कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इसी वजह से जांच एजेंसियां हत्या के पीछे पुराने विवाद, आपसी रंजिश और किसी स्थानीय गैंग से जुड़े टकराव की संभावना को भी खारिज नहीं कर रही हैं।
मोनू से पूछताछ, CCTV से हमलावरों की तलाश
वारदात के बाद पुलिस ने शाबिद मलिक उर्फ मोनू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच टीम उससे यह जानने की कोशिश कर रही है कि मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई थी और शाहिद वहां से कब तथा किस रास्ते से निकला था।
इसके साथ ही कालिंदी कुंज और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की बाइक, उनकी आवाजाही और घटनास्थल से भागने के संभावित रास्तों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
क्या पहले से की गई थी रेकी?
जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि हमलावरों को शाहिद के आने-जाने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने रास्ते में अचानक उसे निशाना बनाया।
पुलिस वारदात से पहले शाहिद की गतिविधियों, फोन संपर्कों और मुलाकातों की भी पड़ताल कर रही है। हमले की प्रकृति को देखते हुए जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या अचानक हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से बनाई गई कोई योजना थी।
फिलहाल हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई एंगल से जारी है और उपलब्ध तकनीकी तथा प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




