टोर हाउस क्लब में दोस्तों के साथ पार्टी करने पहुंचे दलजीत की पीट-पीटकर हत्या का आरोप, परिजनों का दावा माफी मांगने के बावजूद नहीं रुके हमलावर; CCTV फुटेज से अन्य आरोपियों की तलाश
नई दिल्ली। एक ग्लास से छलकी बीयर और फिर खूनी संघर्ष। दिल्ली के सराय रोहिल्ला स्थित टोर हाउस नाइट क्लब में मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद 29 वर्षीय कैब ड्राइवर दलजीत की मौत पर खत्म हुआ। आरोप है कि क्लब के मैनेजर, उसकी पत्नी, बाउंसरों और अन्य कर्मचारियों ने दलजीत और उसके दोस्तों को बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में घर पहुंचे दलजीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले में पुलिस ने क्लब मैनेजर गौरव, उसकी पत्नी हर्षिता और तीन बाउंसरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने क्लब को सील कर दिया है। घटना के सिलसिले में अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। लापरवाही के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को भी लाइन हाजिर किया गया है।
जन्मदिन की पार्टी के बीच शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, घटना 10 अक्टूबर की रात की है। रघुबीर नगर निवासी दलजीत अपने छह-सात दोस्तों के साथ क्लब पहुंचे थे। इसी दौरान क्लब मैनेजर गौरव अपनी पत्नी हर्षिता और दोस्तों के साथ उसका जन्मदिन मना रहा था।
आरोप है कि डांस करते समय दलजीत या उनके साथियों के ग्लास से बीयर छलककर हर्षिता पर गिर गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि क्लब मैनेजर, उसकी पत्नी, बाउंसरों और अन्य स्टाफ ने दलजीत तथा उनके दोस्तों पर हमला कर दिया।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, हमलावरों ने लाठी-डंडों, शराब की बोतलों और लात-घूंसों से मारपीट की। दलजीत के कुछ दोस्त किसी तरह वहां से निकल गए, लेकिन दलजीत, नीशू और टीनू आरोपियों के कब्जे में आ गए।
दोस्त का आरोप—बेहोश होने पर पानी पिलाकर फिर पीटा
दलजीत के दोस्त नीशू ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने सारी हदें पार कर दीं। उसके मुताबिक, वे लोग लगातार माफी मांगते रहे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें नहीं छोड़ा। नीशू का दावा है कि दलजीत के बेहोश होने पर उन्हें पानी पिलाकर होश में लाया जाता और फिर पीटा जाता था।
नीशू ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें और उनके साथियों को धमकाया गया तथा दलजीत और टीनू को पकड़कर ऊपर ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। किसी तरह दलजीत को वहां से निकालकर उनके घर पहुंचाया गया।
हालांकि, इन आरोपों की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सुबह घर पहुंचे दलजीत, अस्पताल में मृत घोषित
दलजीत की पत्नी पूजा के मुताबिक, उनके पति 10 अक्टूबर की रात काम से घर लौटे थे। रात करीब दो बजे उन्होंने बताया कि वह दोस्तों के साथ क्लब जा रहे हैं और सुबह चार बजे तक लौट आएंगे। तय समय पर घर नहीं पहुंचने पर पूजा ने फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों के अनुसार, सुबह करीब छह बजे दलजीत बुरी तरह घायल हालत में घर पहुंचे। पूजा उन्हें कमरे में ले गईं और कपड़े बदलवाकर आराम करने के लिए लिटा दिया। जब उनकी हालत बिगड़ी और वह उठ नहीं पाए, तो पत्नी उन्हें गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल लेकर पहुंचीं। वहां डॉक्टरों ने दलजीत को मृत घोषित कर दिया।
आठ साल के बेटे को अब भी पिता के लौटने का इंतजार
दलजीत की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी पूजा और आठ साल का बेटा अब इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। पूजा के मुताबिक, उनका बेटा बार-बार उनसे पूछता रहा कि क्या वह उसके पिता को वापस ले आएंगी।
दलजीत के बड़े भाई पवन ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि मामूली विवाद में एक व्यक्ति की जान चली गई और अब उनका घर उजड़ गया है।
पांच गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश
नॉर्थ जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट के मुताबिक, मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें क्लब मैनेजर, उसकी पत्नी और तीन बाउंसर शामिल हैं। पुलिस ने क्लब को सील कर दिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मारपीट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विवाद के बाद दलजीत और उनके दोस्तों के साथ क्लब के भीतर क्या-क्या हुआ, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और दलजीत की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहा है।




