फरीदाबाद। महज पांच हजार रुपये देने से इनकार करने पर शुरू हुई कथित रंजिश एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र की बसेलवा कॉलोनी में चाऊमीन और मोमोज खा रहे सतीश यादव पर चार युवकों ने कथित तौर पर हमला कर दिया था। चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल सतीश ने 11 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं जोड़कर जांच आगे बढ़ा दी है।
वारदात छह अक्टूबर की रात हुई थी। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब सतीश की मौत के बाद आरोपियों की भूमिका और हमले के पीछे की पूरी साजिश की जांच की जा रही है।
दुकान के बाहर खा रहा था चाऊमीन-मोमोज, तभी पहुंचे आरोपी
पुलिस के मुताबिक न्यू अहिरवाड़ा निवासी सतीश यादव छह अक्टूबर की रात करीब पौने दस बजे बसेलवा कॉलोनी में ट्यूबवेल नंबर-दो के पास एक दुकान के बाहर खड़ा होकर चाऊमीन और मोमोज खा रहा था।
इसी दौरान तरुण, युवराज उर्फ गड़वाली, राहुल उर्फ बुद्धि और अरुण वहां पहुंचे। आरोप है कि युवराज ने अपनी स्कूटी से चाकू निकालकर अरुण को दिया, जबकि तरुण ने सतीश पर हमला करने के लिए उकसाया। इसके बाद अरुण ने कथित तौर पर सतीश के दाएं पैर के कूल्हे के पास चाकू से वार कर दिया।
पुलिस के अनुसार राहुल ने भी सूए से सतीश पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद विनोद नाम के व्यक्ति ने उसे पकड़ लिया। चाकू लगने के बाद सतीश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग भी मौके पर जमा हो गए।
घायल को अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार होने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद युवराज और राहुल घायल सतीश को स्कूटी पर बैठाकर सेक्टर-19 स्थित सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि दोनों उसे अस्पताल के बाहर ही छोड़कर वहां से फरार हो गए। तरुण और अरुण भी घटनास्थल से निकल गए थे।
सतीश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका लगातार उपचार चल रहा था। करीब 11 दिन तक इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसने दम तोड़ दिया।
बाइक खरीदने के लिए जुटाए थे रुपये, आरोपी ने मांगे थे 5 हजार
परिजनों के मुताबिक सतीश मोटरसाइकिल खरीदने की तैयारी कर रहा था और इसके लिए उसने परिवार से रुपये लिए थे। आरोप है कि इसकी जानकारी अरुण को हो गई थी। इसके बाद उसने सतीश से पांच हजार रुपये मांगे, लेकिन सतीश ने रकम देने से इनकार कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर अरुण ने सतीश से रंजिश पाल ली और बाद में अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया।
पुलिस ने वारदात के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सतीश की मौत के बाद अब मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमला पहले से तय योजना के तहत किया गया था या विवाद के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। मामले में चारों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका की भी जांच की जा रही है।




