नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से कथित तौर पर जुड़े एक लाख रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी के रूप में हुई है। वह मणिपुर के थौबल थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज दो मामलों में वांछित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था और दिल्ली में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम को कई इलाकों में निगरानी और जांच करनी पड़ी। पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया।
एम्स के आसपास मिली लोकेशन, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
पुलिस के मुताबिक, तीन सितंबर 2026 को इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित PLA का एक वांछित सदस्य दिल्ली में मौजूद है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध की लोकेशन नई दिल्ली स्थित एम्स के आसपास मिली। पुलिस टीम तत्काल वहां पहुंची और आरके रेगन सिंह के नाम से भर्ती मरीज की जानकारी जुटाई, लेकिन इस नाम का कोई मरीज नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाश का दायरा बढ़ाया। यूसुफ सराय, सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क के होटलों में संदिग्ध की तलाश की गई।
तस्वीर नहीं थी, सीसीटीवी फुटेज से तलाश आगे बढ़ी
क्राइम ब्रांच के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना था। पुलिस के पास शुरुआत में उसकी कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं थी।
ऐसे में टीम ने अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय स्तर पर पूछताछ की।
लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने यूसुफ सराय इलाके से पूर्वोत्तर भारत के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने शुरुआत में अपनी गलत पहचान बताई और किसी प्रतिबंधित संगठन से संबंध होने से इनकार किया।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसकी तस्वीर मणिपुर पुलिस को भेजी। वहां से पुष्टि हुई कि पकड़ा गया व्यक्ति आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी ही है।
थौबल थाने में दर्ज हैं UAPA के दो मामले
पुलिस के अनुसार, रेगन सिंह के खिलाफ मणिपुर के थौबल थाने में दो मामले दर्ज हैं, जिनमें UAPA की धाराएं लगाई गई हैं।
पहला मामला एफआईआर संख्या 19(2)/2024 है। इसमें UAPA की धारा 17, 20, 39 और 40 के अलावा अन्य कानूनी प्रावधान शामिल हैं।
दूसरा मामला एफआईआर संख्या 199/2026 है, जो UAPA की धारा 20 के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था।
चाचा के संगठन से जुड़े होने की बात आई सामने
क्राइम ब्रांच का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने परिवार के प्रतिबंधित संगठन से पुराने संबंधों के बारे में जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, रेगन सिंह ने बताया कि उसका चाचा PLA के संस्थापक सदस्यों में शामिल था और बाद में वह स्वयं भी संगठन से जुड़ गया।
दिल्ली पुलिस ने उसे प्रतिबंधित PLA/RPF का सक्रिय कैडर बताया है। हालांकि संगठन में उसकी कथित गतिविधियों और भूमिका की विस्तृत जांच मणिपुर पुलिस के मामलों से जुड़ी है।
विशेष टीम ने की कार्रवाई, मणिपुर पुलिस को सौंपा
इस कार्रवाई को इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में गठित क्राइम ब्रांच की टीम ने अंजाम दिया।
टीम में एसआई सुमित, एसआई अंशु कादियान, एएसआई नरेंद्र कौर और हेड कांस्टेबल प्रशांत, संदीप, नवीन तथा हरजीत शामिल थे। पूरी कार्रवाई की निगरानी एसीपी राजकुमार ने की।
आरोपी की पहचान की पुष्टि और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे मणिपुर पुलिस के हवाले कर दिया।
अब मणिपुर पुलिस उसके खिलाफ दर्ज UAPA मामलों में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई करेगी।




