नई दिल्ली। आधी रात दिल्ली-एनसीआर से महंगी कारें चोरी करना, पहचान छिपाने के लिए उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाना और फिर वाहनों को पंजाब पहुंचाकर ठिकाने लगा देना। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट AATS ने ऐसे ही एक कथित अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने पंजाब के अमृतसर से शमशेर और रिंकू नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच चोरी की कारें बरामद की हैं।
बरामद वाहनों में चार हुंडई क्रेटा और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है। पुलिस के मुताबिक ये कारें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई थीं। आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों को खरीदने वाले नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
राजेंद्र नगर से चोरी हुई क्रेटा ने पुलिस को दिया सुराग
डीसीपी रोहित राजवीर सिंह के मुताबिक राजेंद्र नगर इलाके से एक क्रेटा चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। वाहन चोरी के तरीके और संभावित नेटवर्क को देखते हुए जांच सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की AATS को सौंपी गई।
पुलिस टीम ने चोरी की जगह और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। जांच में मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस दिल्ली से पंजाब तक पहुंच गई।
एसीपी पदम सिंह राणा की निगरानी में AATS की टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों और चोरी की कारों के संभावित ठिकानों का पता लगाना शुरू किया। जांच के दौरान अमृतसर में आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद वहां छापेमारी की गई।
चोरी की क्रेटा के साथ मिला पहला आरोपी
पुलिस के मुताबिक अमृतसर में कार्रवाई के दौरान शमशेर को एक क्रेटा कार के साथ पकड़ा गया। जांच में यह कार दिल्ली के बेगमपुर इलाके से चोरी की गई बताई गई।
शमशेर से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उसके कथित सहयोगी रिंकू तक पहुंची और उसे भी अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया। रिंकू के पास से मिली क्रेटा राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से चोरी होने की बात सामने आई।
इसके बाद आरोपियों से मिली जानकारी और आगे की जांच के आधार पर पुलिस ने तीन अन्य वाहन भी बरामद किए। इस तरह कुल चार क्रेटा और एक स्विफ्ट डिजायर पुलिस के हाथ लगी।
चोरी के तुरंत बाद बदल देते थे नंबर प्लेट
पुलिस का दावा है कि गिरोह खासतौर पर रात के समय वाहनों को निशाना बनाता था। दिल्ली और एनसीआर से कार चोरी करने के बाद उनकी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगा दी जाती थी। इसके बाद वाहन दिल्ली से बाहर निकालकर पंजाब पहुंचाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी की कारों को अपने संपर्कों के जरिए आगे ठिकाने लगाया जाता था। अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो चोरी के वाहनों को खरीदने या बेचने के इस कथित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
दिल्ली के पांच इलाकों से चोरी हुई थीं बरामद कारें
जांच में सामने आया है कि बरामद गाड़ियां राजेंद्र नगर, बेगमपुर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और नेताजी सुभाष प्लेस इलाके से चोरी की गई थीं। संबंधित थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से भी इन कारों का मिलान किया गया है।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर से अब तक कितनी गाड़ियां चोरी कीं, उन्हें पंजाब में किन लोगों तक पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में कितने अन्य लोग सक्रिय हैं। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।




