गाजियाबाद। बाइक टैक्सी चलाते समय महिला यात्रियों के गले में चेन-मंगलसूत्र और कानों में कुंडल देखकर उनकी लोकेशन नोट करना, कुछ दिनों तक रेकी करना और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देना। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक कथित स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने महज तीन महीने में गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा और हापुड़ में मोबाइल और चेन स्नैचिंग की 22 वारदातों को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र महज 19 से 23 वर्ष के बीच है। पुलिस के मुताबिक इनमें बाइक टैक्सी चालक, मोबाइल फोन मैकेनिक और सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करने वाले युवक शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और उनके मदरबोर्ड, दो बाइक और एक तमंचा समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
15 मोबाइल और सात चेन स्नैचिंग की वारदात कबूलने का दावा
डीसीपी मुख्यालय बलवंत चौधरी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरवंश नगर, नंदग्राम निवासी रवि कुमार शर्मा (20), मोरटा निवासी अर्पित त्यागी (19), विशाल (22), सिहानी निवासी गोलू उर्फ आशुतोष (20) और संगम विहार निवासी देव शर्मा (23) के रूप में हुई है।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने पिछले तीन महीने के दौरान 15 मोबाइल फोन और सात चेन स्नैचिंग समेत कुल 22 वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। ये वारदातें गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, नोएडा और हापुड़ में की गईं।
पुलिस के अनुसार गिरोह को रवि और विशाल संचालित करते थे। करीब छह महीने पहले दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर बाइक चोरी की और इसके बाद स्नैचिंग शुरू कर दी। वारदातों में इस्तेमाल के लिए नंदग्राम इलाके से भी एक बाइक चोरी किए जाने का आरोप है।
Rapido की बुकिंग के दौरान देखते थे कौन पहन रहा चेन-मंगलसूत्र
पुलिस की जांच में गिरोह के शिकार तलाशने का तरीका भी सामने आया है। एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह के मुताबिक देव, रवि और विशाल Rapido के लिए बाइक चलाते थे।
आरोप है कि बुकिंग के दौरान अगर कोई महिला या युवती सोने की चेन, मंगलसूत्र या कुंडल पहने दिखाई देती थी तो आरोपी उसकी लोकेशन और आने-जाने वाले इलाके पर नजर रखते थे। इसके बाद कथित तौर पर कुछ दिनों तक रेकी की जाती और सही मौका मिलने पर गिरोह के सदस्य मिलकर स्नैचिंग को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार रवि कुमार के बारे में पुलिस ने बताया कि वह राजनगर एक्सटेंशन स्थित ओरा काइमेरा सोसायटी में एक निजी एजेंसी के माध्यम से सुरक्षाकर्मी की नौकरी




