गाजियाबाद। एक शादी समारोह में हुई मुलाकात के बाद शुरू हुई बातचीत कथित तौर पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल और धमकियों तक पहुंच गई। गाजियाबाद की एक युवती ने पुलिस से शिकायत कर आरोप लगाया है कि युवक ने पहले अपनी पहचान छिपाई, फिर भरोसा जीतकर उसे होटल बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती का यह भी आरोप है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर उसे लंबे समय तक डराया और दबाव में रखा गया।
कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर अयान सैफी नामक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
शादी समारोह में हुई थी पहली मुलाकात
युवती के अनुसार, उसकी आरोपी से पहचान एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान हुई थी। उस समय युवक ने खुद को ‘प्रिंस’ बताया था। दोनों के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और इसके बाद नियमित बातचीत शुरू हो गई।
समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। शिकायत में युवती ने दावा किया है कि वह लंबे समय तक युवक को उसी नाम और पहचान से जानती रही, जो उसने शुरुआत में बताई थी।
बातचीत के बहाने होटल बुलाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, एक दिन युवक ने युवती को मिलने और बातचीत करने के लिए जीटी रोड इलाके के एक होटल में बुलाया। युवती का आरोप है कि वहां उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।
उसने पुलिस को यह भी बताया कि इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर मोबाइल फोन से उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ली।
वीडियो बना कथित तौर पर बनाया दबाव का जरिया
युवती का आरोप है कि होटल की घटना के बाद वही वीडियो उसके खिलाफ दबाव बनाने का जरिया बन गई। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी और इसी डर का इस्तेमाल कर बार-बार उसे मिलने के लिए मजबूर किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस दबाव के चलते उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। शिकायत में गर्भवती होने और बाद में गर्भपात से संबंधित दवा दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पहचान सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
युवती का कहना है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि जिस युवक को वह ‘प्रिंस’ के नाम से जानती थी, उसका वास्तविक नाम अयान सैफी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद जब युवती ने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
दूसरे मामले से जुड़ा वीडियो आने के बाद किया संपर्क
मामले में हिंदू रक्षा दल के प्रदेश संयोजक गौरव ने भी कुछ दावे किए हैं। उनका कहना है कि 12 अक्टूबर को संगठन के सदस्यों ने अयान सैफी को एक अन्य युवती के साथ देखा था और उस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था।
गौरव के मुताबिक, वही वीडियो देखने के बाद वर्तमान मामले की शिकायतकर्ता ने संगठन से संपर्क किया और अपनी आपबीती बताई।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविकता स्पष्ट होगी।
जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी हो सकते हैं अहम
मामले में अब पुलिस शिकायत, मोबाइल फोन से जुड़े रिकॉर्ड, कथित वीडियो, दोनों पक्षों के बीच संपर्क और घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है।
आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि होगी।




