गाजियाबाद के लोनी में विनोद गुप्ता हत्याकांड में तीनों आरोपी गिरफ्तार, भट्ठे के पास झाड़ियों में मिला था कारोबारी का चाकुओं से छलनी शव
गाजियाबाद। 65 लाख रुपये का विवाद, कारोबारी की बेरहमी से हत्या और फिर पुलिस से बचने की कोशिश। लोनी के विनोद गुप्ता हत्याकांड में बुधवार को तीसरे आरोपी बिलाल की गिरफ्तारी के साथ पुलिस की कार्रवाई एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान बिलाल ने भागने की कोशिश की और पीछा किए जाने पर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
बिलाल को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके पास से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद हुई है। इससे पहले पुलिस फरमान और गुलजार को गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों पर हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
झाड़ियों में मिली लाश ने खोला हत्या का मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत सोमवार सुबह हुई, जब मंडोला में पुस्ता चौकी क्षेत्र के पास एक ईंट-भट्ठे के नजदीक झाड़ियों में विनोद गुप्ता का शव मिला। 42 वर्षीय कारोबारी के शरीर पर चाकू से कई वार किए जाने के निशान थे। परिवार के मुताबिक, विनोद रविवार शाम से लापता थे।
शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला महज गुमशुदगी का नहीं, बल्कि हत्या का निकला। जांच के दौरान कारोबारी के साथ प्लॉटिंग के काम और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद की जानकारी सामने आई।
कारोबारी से 65 लाख रुपये मांगने का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, विनोद गुप्ता हार्डवेयर की दुकान चलाने के साथ प्लॉटिंग के कारोबार से भी जुड़े थे। आरोप है कि इसी काम को लेकर फरमान और गुलजार के साथ उनका 65 लाख रुपये का विवाद था। पुलिस का दावा है कि रकम को लेकर तनातनी बढ़ी और इसी के चलते विनोद की हत्या कर दी गई।
इस मामले में पुलिस ने 13 अक्टूबर को फरमान और गुलजार को ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर ए-7 कट के पास से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पंचलोक के जंगल से दो चाकू बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस तीसरे आरोपी बिलाल की तलाश कर रही थी।
खानपुर की ओर भागा, पीछा करने पर चलाई गोली
एसीपी रामकिशन राना के मुताबिक, बुधवार को चेकिंग के दौरान बिलाल मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकना चाहा, लेकिन वह खानपुर की तरफ भाग निकला। पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
बिलाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, हत्या में उनकी संलिप्तता और 65 लाख रुपये के विवाद से जुड़ी परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।




