नई दिल्ली। कश्मीरी गेट इलाके में ई-रिक्शा सवार दो लोगों से नकदी से भरा बैग लूटने और विरोध करने पर चाकू से हमला कर एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। संयुक्त पुलिस टीम ने वारदात के कथित मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के रिश्तेदार ओम सिंह ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से करीब दो सप्ताह पहले इसकी योजना बनानी शुरू कर दी थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 2 लाख 29 हजार 800 रुपये बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओम सिंह (21), निवासी कानपुर, दीपू राठौर (28), निवासी झांसी और अभिषेक (24), निवासी कानपुर के रूप में हुई है। मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।
कैश वाला बैग लूटने का विरोध पड़ा भारी
नॉर्थ जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम करीब 7:20 बजे मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी सचिन अपने चाचा प्रभात के साथ गांधी नगर मार्केट से पेमेंट लेकर ई-रिक्शा से जा रहे थे।
ई-रिक्शा जब सलीमगढ़ किले के पीछे नीली छतरी मंदिर अंडरपास के पास पहुंचा, तभी चार बदमाशों ने रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने कैश से भरा पॉलीथिन बैग छीनने की कोशिश की।
सचिन और प्रभात ने लूट का विरोध किया तो बदमाशों ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर नकदी से भरा बैग लेकर मौके से भाग निकले। हमले में गंभीर रूप से घायल प्रभात ने बाद में दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और लूट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
500 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी की निगरानी में एसएचओ प्रशांत यादव और स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।
जांच टीमों ने घटनास्थल से लेकर बदमाशों के संभावित रूट तक 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध कार की जानकारी मिली। कार के नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस दीपू राठौर तक पहुंच गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक मोबाइल नंबर भी मिला, जो मृतक और दीपू दोनों के संपर्क में था। यह नंबर ओम सिंह का निकला। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
कानपुर, झांसी और इटावा से दबोचे आरोपी
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड ओम सिंह को कानपुर से गिरफ्तार किया। दीपू राठौर और नाबालिग को झांसी से पकड़ा गया, जबकि अभिषेक को इटावा से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, ओम ने बताया कि प्रभात उसका रिश्तेदार था और उसे जानकारी थी कि उसके पास बड़ी रकम आने वाली है। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने कथित तौर पर लूट की योजना तैयार की।
पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी रकम लेकर नोएडा पहुंचे। वहां लूटी गई रकम का बंटवारा किया गया और इसके बाद सभी अलग-अलग स्थानों पर चले गए।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दीपू राठौर के खिलाफ उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म, पॉक्सो, हत्या के प्रयास, रंगदारी और दंगा समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, पकड़े गए नाबालिग के खिलाफ भी झांसी में दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
फिलहाल पुलिस बरामद रकम और वारदात में इस्तेमाल अन्य सामान के संबंध में आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।




