गाजियाबाद: पारिवारिक मुकदमे में मदद दिलाने और जजों को रिश्वत देकर मामला अपने पक्ष में कराने का झांसा देकर एक शख्स से करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। गाजियाबाद की साइबर क्राइम टीम ने जांच के बाद मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पीड़ित को पहले अपने प्रभाव और ऊंची पहुंच का भरोसा दिलाया और बाद में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराता रहा।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान चंदौली निवासी ईशू पांडे उर्फ रिशु पांडे के रूप में हुई है। मामले की जांच में सामने आया है कि जून 2025 से अप्रैल 2026 के बीच पीड़ित से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में मंगाई गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
सोशल मीडिया से हुई पहचान, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह के मुताबिक, इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा निवासी शीतल प्रसाद की सोशल मीडिया के जरिए ईशू पांडे से जान-पहचान हुई थी। शीतल प्रसाद के परिवार से जुड़ा एक मुकदमा चल रहा था। उनकी पुत्रवधू ने उनके और उनके बेटे देवांशु के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप है कि इसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने का भरोसा देकर ईशू पांडे ने शीतल प्रसाद को अपने जाल में फंसाया। उसने खुद को पुजारी बताया और दावा किया कि सरकारी दफ्तरों के अलावा न्यायिक क्षेत्र में भी उसकी अच्छी पहुंच है।
जजों से संबंध का दावा कर मांगे रुपये
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने शीतल प्रसाद को विश्वास दिलाया कि उसके जजों से अच्छे संबंध हैं और पैसे देकर उनके बेटे के खिलाफ चल रहे मुकदमे में मदद कराई जा सकती है। इसी बहाने उसने पीड़ित से लगातार रुपये मंगवाने शुरू कर दिए।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोपी ने कथित तौर पर शीतल प्रसाद को डराया कि यदि उसकी बात नहीं मानी गई तो उनके बेटे देवांशु को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। तांत्रिक विद्या से जुड़े डर दिखाकर भी परिवार पर दबाव बनाने का आरोप है।
कई बैंक खातों में पहुंची ठगी की रकम
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने रकम अपने और अपनी मां के बैंक खातों में लेने के अलावा कई अन्य लोगों के खातों का भी इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, खुशबू मिर्जा, विजय, सोनी बेगम और शैली जैन के बैंक खातों में भी रकम ट्रांसफर कराई गई।
पुलिस जांच में ठगी की रकम एक करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक होने की बात सामने आई है। वहीं, पीड़ित से कुल रकम करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक ट्रांसफर कराने का आरोप है। रकम को अलग-अलग खातों में भेजे जाने के कारण पुलिस अब पूरे लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
ठगी के पैसों से सट्टेबाजी ऐप पर खेला जुआ
जांच में ठगी की रकम के इस्तेमाल को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर ठगी से मिले पैसों का इस्तेमाल टिक्को ऐप पर सिक्के खरीदने और जुआ खेलने में किया।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में पटना, बिहार निवासी खुशबू मिर्जा की भी भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उसने ठगी की रकम को इधर-उधर करने और पूरी साजिश को अंजाम देने में आरोपी की मदद की।
अब अन्य आरोपियों की तलाश
साइबर क्राइम टीम ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस खुशबू मिर्जा की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस धोखाधड़ी में और कितने लोग शामिल थे और पीड़ित से हासिल की गई रकम किन-किन खातों या माध्यमों से आगे भेजी गई।




