दिल्ली। भारत के पूर्व खिलाड़ी और मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो, फर्जी कंटेंट और बिना अनुमति उनके नाम, चेहरे और आवाज के इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने 16 पक्षों को आरोपी बनाते हुए 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है। गंभीर ने कहा कि उनकी पहचान का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने और पैसे कमाने के लिए किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है। याचिका में बताया गया है कि 2025 के आखिर से इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके नाम से फर्जी वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं, जिनमें एक नकली इस्तीफे वाला वीडियो 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया, जबकि एक अन्य वीडियो 17 लाख से ज्यादा बार वायरल हुआ। इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर बिना अनुमति सामान बेचने का मामला सामने आया है। इस केस में मेटा, एक्स, यूट्यूब, गूगल समेत कई प्लेटफॉर्म्स के साथ आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी पक्षकार बनाया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रश्मिका मंदाना और काजोल जैसे कलाकारों के डीपफेक वीडियो भी वायरल हो चुके हैं, जिससे इस तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसमें एआई की मदद से असली जैसे दिखने वाले नकली वीडियो तैयार किए जाते हैं और आम लोगों के लिए उन्हें पहचानना बेहद मुश्किल होता है।
गौतम गंभीर ने डीपफेक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की




