गुरुग्राम। फर्रुखनगर थाना इलाके में 10वीं में पढ़ने वाले किशोर ने 30 मार्च की शाम को कमरे में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र द्वारा आत्महत्या की सूचना मिलने पर फर्रुखनगर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लिया।
पुलिस ने एफएसएल व फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम से कमरे का निरीक्षण कराया। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृत छात्र की पहचान बिहार के छपरा निवासी आकाश (15) के रूप में हुई है। उसके पिता प्रभात फर्रुखनगर क्षेत्र के कैम्ब्रिज कॉन्वेंट स्कूल में चपरासी है और मां एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। परिवार करीब 15 साल से स्कूल में बने स्टाफ क्वार्टर में रहता है। इसी स्टाफ क्वार्टर में छात्र ने आत्महत्या की है। बताया जा रहा है कि आकाश पढ़ाई में काफी होशियार था और आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली के जनकपुरी स्थित विद्यापीठ में दाखिला लेना चाहता था। उसकी मां ने विद्यापीठ में दाखिला दिलाने के लिए पांच हजार रुपये देकर पंजीकरण भी करवा दिया था लेकिन आर्थिक तंगी के चलते आगे पूरे वर्ष की फीस व दाखिले की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ऐसे में विद्यापीठ में दाखिला नहीं होने के कारण छात्र परेशान रह रहा था।
30 मार्च की शाम को छात्र ने कमरे में मां की चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। करीब 6 बजे जब उसकी मां काम से वापस घर लौटी, उसे फंदे पर लटका है। इस बारे में उसने अपने पति व स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी। स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना दी। छात्र द्वारा आत्महत्या करने के समय पिता प्रभात क्वार्टर के बाहर काम कर रहा था, जबकि उसकी बहन दूसरे कमरे में पढ़ाई कर रही थी। जांच अधिकारी एसआई अशोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए हैं। पढ़ाई व दाखिले को लेकर छात्र के मानसिक रूप से परेशान रहने की बात सामने आई है।




