फरीदाबाद। जिले के वर्ष 2026 के प्रस्तावित कलेक्टर रेट (ड्राफ्ट) में कई गांवों और प्रमुख मार्गों से सटी जमीनों के रेट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पलवल तहसील के लिए जारी 61 पृष्ठों के इस ड्राफ्ट दस्तावेज में कृषि, आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के नए अनुमानित रेट जारी किए गए हैं।
कृषि भूमि के रेट में 75% उछाल :
सबसे अधिक वृद्धि राष्ट्रीय राजमार्ग, केएमपी एक्सप्रेसवे और प्रमुख सड़क मार्गों से सटी जमीनों में देखने को मिली है। उदाहरण के तौर पर अगवानपुर में राजमार्ग से 2 एकड़ तक कृषि चाही भूमि का रेट 1.63 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.86 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 75 फीसदी की बढ़ोतरी है। इसी तरह आलापुर में राजमार्ग से 2 एकड़ तक कृषि भूमि का रेट 1.56 करोड़ से बढ़कर 2.74 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। अमरपुर, टहरकी, जोहरखेड़ा, चांदपुर, दुर्गापुर और रतीपुर जैसे गांवों में भी कृषि भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वहीं अगवानपुर, जटौला, तातारपुर, मैंदापुर, झुप्पा और सोलड़ा में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जमीन खरीदना हुआ महंगा :
कुछ क्षेत्रों में आवासीय दरों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। ओमेक्स सिटी के प्रथम तल का रेट 6 हजार 600 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 11 हजार 550 रुपये प्रति वर्ग फुट किया गया है, जो 75 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। धौलागढ़ नगर परिषद क्षेत्र के भीतर आवासीय रेट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। हालांकि कई गांवों में नहरी, बंजर और व्यावसायिक रेट को यथावत रखा गया है। रियल एस्टेट, किसानों और निवेशकों की नजर अब प्रशासन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
कई गांवों में रेट में नहीं हुई वृद्धि :
कई गांवों में जमीन के रेट यथावत रखे गए हैं। इनमें अकबरपुर डकोरा, सुल्तानपुर, सेलोटी, राजपुर बांगर, राखोता, राजपुरा, ककरीपुर, कटेसरा और कैराका जैसे गांव शामिल हैं। जहां कृषि, नहरी, आवासीय व व्यावसायिक दरों में कोई बढ़ोतरी प्रस्तावित नहीं की गई।




