वनतारा के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने दी क्लीन चिट

Must read

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वनतारा के खिलाफ दायर करणार्थम विरम फाउंडेशन की याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वनतारा में किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है और इससे जुड़ा मामला पहले ही विचाराधीन रह चुका है। कोर्ट ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ के माध्यम से विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट को सही ठहराया, जिसे पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर की अध्यक्षता में गठित किया गया था और जिसने 12 सितंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए वनतारा को क्लीन चिट दी थी। अदालत ने कहा कि CITES जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जानवरों का आयात वैध परमिट और दस्तावेजों के साथ किया गया था और यह व्यापारिक उद्देश्य से नहीं था, इसलिए बाद में उठाई गई आपत्तियां इसे अवैध नहीं बना सकतीं। याचिका में वनतारा पर जानवरों से जुड़े कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए लाइसेंस और परमिट की जांच, नई निगरानी समिति के गठन और वन्यजीव व्यापार की समीक्षा की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इन सभी मांगों को खारिज कर दिया। इससे पहले भी इसी तरह की एक याचिका अदालत खारिज कर चुकी है। वहीं इस मामले में हथिनी माधुरी को वनतारा शिफ्ट करने को लेकर भी विवाद सामने आया था, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्थानांतरण के फैसले को बरकरार रखा था।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article