14.15 करोड़ की कथित धोखाधड़ी में शराब कंपनी का CEO जांच के घेरे में, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

Must read

कर्नाटक में कारोबार के नाम पर ली गई रकम वापस नहीं करने का आरोप, भुगतान के लिए दिए गए सातों चेक बैंक से लौटे; EOW ने शुरू की जांच

नई दिल्ली। करोड़ों रुपये का कारोबारी लेनदेन और फिर भुगतान से बचने के आरोप। दिल्ली में शराब कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के खिलाफ करीब 14.15 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शराब कंपनी, उसके CEO और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि कर्नाटक में कारोबार के लिए दी गई रकम हड़प ली गई और बार-बार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने रकम लौटाने के लिए सात पोस्ट-डेटेड चेक दिए थे, लेकिन बैंक में जमा कराने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित कंपनी ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

पांच साल तक चलता रहा करोड़ों का लेनदेन

शिकायतकर्ता कंपनी तिरुपति की बताई जा रही है। आरोप है कि वर्ष 2020 से वह दूसरी कंपनी को कर्नाटक में शराब कारोबार के संचालन के लिए एक्साइज ड्यूटी और रिटेलर सेटलमेंट के मद में पैसे उपलब्ध करा रही थी।

विवाद तब गहराया जब 25 फरवरी 2025 को आरोपी कंपनी ने एक निजी बैंक को अपने खाते में आने वाली रकम के बंटवारे के संबंध में निर्देश दिया। शिकायत के अनुसार, तय व्यवस्था के तहत खाते में आने वाली राशि का 82 प्रतिशत हिस्सा शिकायतकर्ता कंपनी को और शेष 18 प्रतिशत आरोपी कंपनी को मिलना था।

हालांकि, आरोप है कि यह व्यवस्था महज 24 दिनों के भीतर समाप्त कर दी गई और शिकायतकर्ता के हिस्से की रकम रोक ली गई। पीड़ित कंपनी ने इसे रकम की हेराफेरी का हिस्सा बताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है।

समझौते में स्वीकार की 9.85 करोड़ की देनदारी

शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने करीब तीन करोड़ रुपये एक्साइज ड्यूटी और 1.55 करोड़ रुपये ट्रेड सेटलमेंट के लिए उपलब्ध कराए थे। भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच 11 अगस्त 2025 को समझौता हुआ था।

आरोप है कि इस समझौते में आरोपी कंपनी के प्रतिनिधियों ने 9.85 करोड़ रुपये की देनदारी स्वीकार की थी। रकम चुकाने के लिए 11.35 करोड़ रुपये के सात पोस्ट-डेटेड चेक भी सौंपे गए। लेकिन जब शिकायतकर्ता कंपनी ने इन चेक को बैंक में भुगतान के लिए लगाया तो सभी बाउंस हो गए।

बार-बार मांगने पर भी नहीं लौटाए पैसे

शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि बकाया रकम वापस लेने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन हर बार भुगतान नहीं हुआ। बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव के बाद उसकी हिस्सेदारी की रकम भी रोक दी गई। इससे कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में लिखित शिकायत दी। शुरुआती शिकायत में करीब 14.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

CEO समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

EOW ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर शराब कंपनी, उसके CEO और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, समझौते की शर्तों, जारी किए गए चेक और रकम के इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल मामला आरोपों के स्तर पर है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि रकम किन परिस्थितियों में रोकी गई और भुगतान नहीं करने के पीछे क्या वजह थी।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article