नई दिल्ली। विदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने बिहार के रहने वाले 25 वर्षीय अमन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी यूनाइटेड किंगडम में स्टॉक कंट्रोल एनालिस्ट के तौर पर काम कर चुका है। पुलिस के मुताबिक, उसने दुनिया के अलग-अलग देशों में स्थित रूसी दूतावासों में भर्ती का झांसा देकर 50 से अधिक भारतीय उम्मीदवारों को निशाना बनाया।
आरोप है कि अमन ने इसके लिए एक फर्जी वेबसाइट तैयार कराई और लोकप्रिय ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स पर नौकरी के विज्ञापन प्रकाशित किए। उम्मीदवारों से रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन मॉक टेस्ट के नाम पर 850 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि यह गतिविधि पिछले चार से पांच महीनों से चल रही थी।
रूसी दूतावासों में 147 पदों पर भर्ती का दिया झांसा
पुलिस की जांच के मुताबिक, अमन ने एक वेब डिजाइनर की मदद से ‘www.embassytest.com‘ नाम की वेबसाइट बनवाई थी।
इस वेबसाइट के जरिए दुनिया भर के रूसी दूतावासों में 147 पदों पर भर्ती होने का दावा किया गया। उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया का हिस्सा बताकर ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा जाता था।
आरोप है कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक उम्मीदवार से 850 रुपये लिए जाते थे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भर्ती का भरोसा दिलाने के लिए विभिन्न जॉब पोर्टल्स का भी इस्तेमाल किया गया।
रूसी दूतावास तक पहुंचीं 17 शिकायतें, तब खुला मामला
फर्जी भर्ती का मामला उस समय सामने आया, जब भारत स्थित रूसी दूतावास को 17 भारतीय नागरिकों से धोखाधड़ी की शिकायतें मिलीं।
इन शिकायतों के बाद दूतावास ने दिल्ली पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके आधार पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने वेबसाइट से जुड़े तकनीकी विवरण और पैसों के लेनदेन की जांच की। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के तार अमन कुमार से जुड़ने की जानकारी सामने आई।
तकनीकी जांच के बाद मेरठ से पकड़ा गया मुख्य आरोपी
दिल्ली पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर अमन कुमार का पता लगाया। इसके बाद सोमवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने वेबसाइट तैयार करने वाले व्यक्ति को भी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पकड़ा है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि वेबसाइट निर्माण और कथित धोखाधड़ी में उसकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सके।
ब्रिटेन में करता था नौकरी, 11 अक्टूबर को लौटा भारत
पुलिस के मुताबिक, अमन कुमार मूल रूप से बिहार का निवासी है और यूनाइटेड किंगडम में स्टॉक कंट्रोल एनालिस्ट के रूप में कार्यरत रहा है।
उसके इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि वह पिछले साल दिसंबर में ब्रिटेन गया था और 11 अक्टूबर को भारत वापस लौटा था।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विदेश में रहने के दौरान कथित फर्जी भर्ती वेबसाइट का संचालन किस तरह किया जा रहा था और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
50 से ज्यादा लोगों से ठगी का आरोप, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में 50 से अधिक भारतीय उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब आरोपी के बैंकिंग लेनदेन, वेबसाइट संचालन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। इसके साथ ही अमन के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाना बाकी है कि कथित धोखाधड़ी से कुल कितनी रकम जुटाई गई और कितने उम्मीदवार वास्तव में इस फर्जी भर्ती प्रक्रिया का शिकार हुए।




